महोबा पुलिस का सराहनीय काम: नाम पता था न पता, इशारे समझकर 5 साल तक की बच्ची को घर तक पहुंचाया
महोबा में पुलिस ने एक 5 वर्षीय भटकती बच्ची को उसके परिवार से मिलाया, जिसने इशारों से अपने घर का ...और पढ़ें

HighLights
महोबा पुलिस ने 5 वर्षीय भटकती बच्ची को बचाया।
बच्ची ने इशारों से अपने घर का पता बताया।
पीआरवी टीम ने बच्ची को उसके पिता से मिलाया।
जागरण संवाददाता, महोबा। 27 सितंबर को चार टूटे-फूटे शब्दों के सहारे पुलिस ने झारखंड की महिला को उसके स्वजन से मिलाया। अब पुलिस ने फिर ऐसा ही सराहनीय कार्य किया है।
सड़क पर भटक रही 5 साल की बच्ची नाम-पता नहीं बता पा रही थी, सिर्फ इशारे कर रही थी। श्रीनगर थाना क्षेत्र की पीआरवी-7336 के पुलिस कर्मियों ने इशारों को समझा और बच्ची को उसके घर तक पहुंचाया। बेटी को सकुशल पाकर स्वजन के दिलों में सुकून आया।
महोबा-श्रीनगर मार्ग पर पुरवार पेट्रोल पंप के पास एक पांच साल की मासूम इधर उधर भटक रही थी। बस पिता का नाम राकेश बता रही थी। लोगों ने सूचना यूपी-112 को दी। पीआरवी कमांडर कां. शमीम खान और पायलट रणजीत सिंह तुरंत मौके पर पहुंचे और बच्ची को संरक्षण में लिया।
बच्ची घबराई हुई थी। कुछ बोल नहीं पा रही थी। उससे प्रेमपूर्वक बात की गई। धीरे-धीरे इशारों में बात करना शुरू किया। बच्ची हाथ से जिस दिशा में इशारा करती, पीआरवी उसी ओर बढ़ती।
आखिर उन्हीं इशारों को पकड़ते हुए पुलिस उसे श्रीनगर के बजरंग नगर ले गई और घर की पहचान करा दी। मौके पर पिता राकेश कुमार पुत्र चंद्र प्रकाश मिले, जिन्हें बच्ची सकुशल सौंप दी गई। यूपी-112 की नोडल व एएसपी वंदना सिंह ने पुलिस टीम के इस कार्य की सराहना की।
