महोबा में विवाद की सूचना पर चौकी लगाकर दी प्रताड़ना, चाचा-भतीजे को पुलिस ने पीटा, एसआई लाइन हाजिर
महोबा में विवाद की सूचना पर पुलिस चौकी लाए गए चाचा-भतीजे को कथित तौर पर पीटा गया और उनसे 10 ...और पढ़ें

HighLights
विवाद की सूचना पर पुलिस ने चाचा-भतीजे को पीटा।
पीड़ितों से दस हजार रुपये की मांग का आरोप लगा।
एसपी ने चौकी इंचार्ज को लाइन हाजिर कर जांच सौंपी।
जागरण संवाददाता, महोबा। विवाद की सूचना मिलने पर पुलिस चाचा भतीजे को चौकी ले आई। यहां दोनों का शांतिभंग में चालान कर दिया और 10 हजार रुपयों की मांग की गई। ऐसा न होने पर आरोप है कि चौकी इंचार्ज ने पुलिस कर्मियों के साथ उनकी जमकर पिटाई की। जिससे सिर व शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आईं। पीड़ितों ने सूचना एसपी को दी। उन्होंने एसआई को लाइन हाजिर कर जांच सीओ चरखारी को सौंपी है। वहीं एसआई बृजकिशोर शुक्ला ने इस बारे में कुछ भी कहने से इन्कार किया है।
थाना चरखारी के ग्राम भटेवरकला निवासी घासीराम ने बताया कि उसके भाई नरसिंह के घर के सामने मकान निर्माण को लेकर सरिया डला था। 27 जून की दोपहर करीब 12 बजे इसी को लेकर पड़ोसी वृंदावन की पत्नी रामरती ने उससे व घर की महिलाओं से गाली गलौज करना शुरू कर दिया। महिलाओं ने मना किया तो वह झगड़ा करने पर आमादा हो गई और झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने चौकी गौरहारी चली गई। पुत्र भारत को भी फंसा दिया, जबकि वह पनवाड़ी में था।
29 जून को चौकी इंचार्ज आए और उसके पुत्र भारत व नरसिंह को बेवजह घर से ले गए। पुलिस ने उनका शांतिभंग में चालान कर दिया। साथ ही 10 हजार रुपयों की मांग की गई। मांग पूरी न होने पर उसके साथ चौकी इंचार्ज बृजकिशोर शुक्ला ने पुलिस कर्मियों के साथ बिना वजह उनकी मारपीट की। जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं।
चौकी इंचार्ज ने हमारे भाई का चार मार्च 2026 को झगड़ा करा दिया था। जिससे कुल्हाड़ी की चोट से भाई रामरतन की मृत्यु हो गई थी। जिसमें नरसिंह व भारत गवाह हैं। विपक्षियों की जमानत होने पर पुलिस को पैसा दिया गया है। जिसके चलते उसे न्याय की कोई उम्मीद नहीं हैं।
पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र दिया। पुलिस अधीक्षक शशांक सिंह ने बताया कि गौरहारी चौकी प्रभारी को लाइन हाजिर कर जांच सीओ चरखारी को सौंपी गई है। उधर एसआई बृजकिशोर शुक्ला ने इस बारे में कुछ भी बोलने से इन्कार किया है।
