महोबा भाजपा विवाद शांत, पूर्व जिला मंत्री ने बदले बयान, जिलाध्यक्ष बोले छोटी बहन
महोबा में भाजपा की पूर्व जिला मंत्री दीपाली तिवारी और जिलाध्यक्ष मोहनलाल कुशवाहा के बीच का विवाद अब शांत हो ...और पढ़ें

दीपाली तिवारी व मोहनलाल कुशवाहा। जागरण अर्काइव
जागरण संवाददाता, महोबा। भाजपा की पूर्व जिला मंत्री और जिलाध्यक्ष के बीच चल रहा विवाद आखिरकार शांत हो गया है। तीन दिनों तक सियासी पारा चढ़ा रहा। लेकिन जांच समिति ने दोनों पक्षों से वार्ता कर मामले का पटाक्षेप करा दिया। पूर्व महिला पदाधिकारी ने जिलाध्यक्ष पर गंभीर आरोप लगाए और बार-बार अपना बयान पलटा। उधर जिलाध्यक्ष मोहनलाल कुशवाहा का कहना है कि वह मेरी छोटी बहन हैं और अब कोई मतभेद नहीं हैं।
सोमवार की रात पूर्व महिला पदाधिकारी दीपाली तिवारी ने लाइव आकर कहा था कि जिलाध्यक्ष ने मर्यादाएं पार कर दीं और कहा कि मेरी बात मानोगी तो जिला पंचायत का टिकट भी दिला दूंगा। यह मामला प्रदेश नेतृत्व तक पहुंचा और इसके बाद कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रकाश पाल ने दो सदस्यीय जांच टीम गठित की। इसमें शामिल अध्यक्ष महिला कल्याण निगम व प्रदेश उपाध्यक्ष कमलावती सिंह व क्षेत्रीय महामंत्री संतविलाश शिवहरे मंगलवार को महोबा पहुंचे और दोनों पक्षों से वार्ता कर समझौता होने का दावा किया।
इसी रात में दीपाली तिवारी फिर लाइव आईं और कहा कि कुछ लोग मेरे बयान को तोड़ मरोड़कर पेश कर रहे है। मैंने ये कहा कि मैंने इस्तीफा गुस्से में दिया था। जिस पर मैंने आरोप लगाए है, उससे समझौते की बात निराधार है। मैं भाजपा की निष्ठावान कार्यकर्ता थी, हूं और रहूंगी, लेकिन व्यक्ति से मेरा समझौता नहीं हुआ है। मैं चाहती हूं की भाजपा जिलाध्यक्ष इस्तीफा दें।
बुधवार को फिर से दोनों पक्षों को बुलाकर वार्ता की गई। अब पूर्व जिला मंत्री दीपाली तिवारी ने कहा कि हम लोगों के बीच जो आपसी मतभेद थे, वो मिट गए हैं। कुछ लोगों द्वारा जो भ्रम फैलाया जा रहा था, उससे मैं व्यथित थी। अब मेरी अध्यक्ष जी से कोई शिकवा शिकायत नहीं हैं। पहले जो अध्यक्ष पर आपने आरोप लगाए थे, उनका क्या। यह पूछने पर उन्होंने कहा कि ऐसा कुछ नहीं हैं, मैं कुछ नहीं कहना चाहती, मैं शांत हूं.....।
जिलाध्यक्ष मोहनलाल ने कहा कि दीपाली जी को कुछ लोगों ने भ्रमित कर दिया था। उन्होंने गुस्से में ऐसा कहा, अब कोई मतभेद नहीं है। वह मेरी छोटी बहन है। क्षेत्रीय महामंत्री संत विलाश शिवहरे का कहना है कि कार्यकर्ताओं के बीच कभी कभार आपसी मतभेद हो जाते है। दोनों पक्षों के साथ संवाद किया गया। मामला शांत करा दिया गया है।
प्रदेश उपाध्यक्ष कमलावती सिंह ने बताया कि संगठन एक परिवार की तरह है। पूर्व महिला पदाधिकारी अपने प्रमोशन न होने से नाराज थीं। परिवार में जांच नहीं होती, बल्कि संवाद होता है, और अब सभी विवाद सुलझ गए हैं।
