जागरण संवाददाता, महोबा : अवैध कब्जों को लेकर शासन द्वारा गठित एंटी भू-माफिया टीम का यहां के माफिया पर कोई असर नहीं पड़ रहा है। सदर नगर पालिका और विनियमित क्षेत्र की अनदेखी से शहर में सरकारी भूमि पर अवैध तरीके से दुकानों का निर्माण कराया जा रहा है। बीते समाधान दिवस में इसकी शिकायत की गई तो मौके पर ईओ सहित अन्य अधिकारी जांच करने पहुंचे, पर नतीजा सिफर रहा। करीब दो माह से इस जमीन पर अवैध निर्माण चल रहा है, लेकिन जिम्मेदार मौन हैं। कुछ नागरिकों ने हाल ही में इसकी शिकायत मुख्यमंत्री से की है। जांच आई तो पालिका के अधिकारियों ने रिपोर्ट में कोई निर्माण नहीं होने की बात कहते हुए रिपोर्ट भेज दी। इस पर निर्माण कार्यो की फोटो खींचकर पिछले माह दोबारा मुख्यमंत्री से शिकायत की गई है।

जांच कर लौटे जिम्मेदार

मुख्यालय के गांधीनगर निवासी योगेश कुमार शर्मा ने 4 सितंबर को गांधीनगर में बिना नक्शा पास हुए निर्माण की शिकायत उच्चाधिकारियों से की थी। डीएम के निर्देश पर ईओ, विनियमित क्षेत्र के जेई टीम के साथ मौके पर गए थे। अवैध निर्माण होना भी पाया, लेकिन टीम लौट आई। अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। जिससे जिम्मेदारों की कार्यशैली सवालों के घेरे में है।

पुरानी गल्ला मंडी के सामने भी अवैध निर्माण

मामले की शिकायत सीएम को भेजने वाले योगेश शर्मा ने बताया कि इन दुकानों के साथ ही पुरानी गल्ला मंडी में भी मंगौड़ी की दुकान के सामने भी अवैध तरीके से दो मंजिला मकान बन गया। इसकी शिकायत के बाद भी निर्माण नहीं रोका गया। तमाम शिकायतों के बाद जांच का आश्वासन तो मिला पर नतीजा शून्य।

--------------

शासन को भेजी गई गलत रिपोर्ट

24 मई 2017 को भी सीएम से इस मामले में शिकायत की जा चुकी है। इसके पूर्व भी पीएम और राज्यपाल को भेजी गई। शिकायत में बताया था कि ग्रांटगंज में मकान बन रहे हैं, यह सरकारी भूमि है। इसकी रजिस्ट्री भी धड़ल्ले से हो रही है। इसकी जांच के बाद रजिस्ट्रार ऑफिस ने कोई रजिस्ट्री न होने व विनियमित क्षेत्र ने कोई भी नक्शा पास न होने की बात कहकर शासन को गुमराह कर रिपोर्ट भेज दी।

----------------

समाधान दिवस में गल्ला मंडी में अवैध निर्माण की शिकायत पर जांच की गई थी। वहां कोई निर्माण होते नहीं पाया गया। इस आशय की रिपोर्ट दे दी गई है।

- लालचंद्र सरोज, ईओ पालिका

Posted By: Jagran