2027 के चुनाव से पहले यूपी भाजपा का संगठन विस्तार, महोबा में मोर्चों में सक्रिय चेहरों पर दांव
भाजपा ने 2027 विधानसभा चुनाव से पहले महोबा में संगठन विस्तार और बूथ स्तर पर मजबूती पर जोर दिया है।

HighLights
भाजपा का 2027 विधानसभा चुनाव से पहले संगठन विस्तार।
बूथ स्तर पर संगठन मजबूत करने पर पार्टी का जोर।
किसान, महिला, अनुसूचित जाति मोर्चों में नए चेहरे।
जागरण संवाददाता, महोबा। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने तैयारियों के साथ ही संगठन विस्तार तेज कर दिया है। बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने के साथ ही मोर्चों में नए और सक्रिय चेहरों पर दांव लगाया जा रहा है। पार्टी सभी वर्गों को रिझाने की रणनीति पर काम कर रही है।
हाल ही में किसान मोर्चा, अनुसूचित जाति मोर्चा, जनजाति और महिला मोर्चा के जिलाध्यक्षों की घोषणा की गई है। नियुक्त किए गए सभी पदाधिकारी पार्टी के पुराने और सक्रिय सदस्य हैं, जो लंबे समय से संगठन के लिए काम कर रहे हैं। भाजपा की कोशिश है कि मोर्चों के माध्यम से हर वर्ग तक पहुंच बनाई जाए, जिससे 2027 की राह आसान हो सके।
अनुसूचित जाति मोर्चा के जिलाध्यक्ष ईश्वरदयाल व विजय बहादुर को अनुसूचित जनजाति मोर्चा की जिम्मेदारी सौंपी गई है। हाल ही में महिला मोर्चा की कमान साधना तिवारी को सौंपी गई है। साधना ने वर्ष 2016 में भाजपा की सदस्यता ली थी। तब उन्हें पार्टी का जिला कोषाध्यक्ष बनाया गया था।
इसके बाद जिला उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी के साथ ही पालिका का मनोनीत सभासद भी बनाया गया। अब उन्हें महिला मोर्चा का जिलाध्यक्ष बनाया गया है। इसी तरह कस्बा बेलाताल के राजेश राजपूत को किसान मोर्चा का जिलाध्यक्ष बनाया गया है। उन्होंने 2012 में भाजपा की सदस्यता ग्रहण की।
भाजपा ने उन्हें 2015-18 तक मंडल अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी। इसके बाद वह किसान मोर्चा के महामंत्री बने और अब जिलाध्यक्ष की कमान दी गई है। नवनियुक्त जिलाध्यक्षों ने कहा है कि पार्टी ने उन्हें जो जिम्मेदारी दी गई है, उसका वह बखूबी निर्वहन करेंगे।
संगठन को और मजबूत करने का काम किया जाएगा। जिससे आगामी विधानसभा चुनाव में जीत की राह आसान हो सके। जिलाध्यक्ष मोहनलाल कुशवाहा ने बताया कि संगठन को बूथ स्तर पर और अधिक सक्रिय किया जा रहा है।
वहीं सपा पीडीए के जरिए अपनी जमीन तलाश रही है तो वहीं कांग्रेस और बसपा भी संगठन को मजबूत करने में जुटी है। सभी दल तैयारियों में जुटे हुए है, हालांकि सियासी तस्वीर क्या होगी, यह तो आने वाला समय ही बताएगा।
