महोबा, जागरण संवाददाता। हम बात साफ करते हैं, क्योंकि तुमने ध्यान नहीं दिया.. और अब एससीएसटी न लिखा दिया तो हमे कमलेश दारोगा नहीं कहना, हमे अब इतना पावर हो गया है। पीड़ित और दूसरी तरफ खुद को दारोगा बताने वाले व्यक्ति का ऑडियो वायरल हुआ तो पुलिस महकमे में खलबली मच गई है। प्रकरण में कमलेश नाम के दारोगा ने ऑडियो में आवाज न होने की बात कही है, हालांकि एसपी ने उसे प्रथम दृष्टया निलंबित करके जांच शुरू कराई है। 

क्या है मामला

महोबकंठ थाना क्षेत्र के घटेरा गांव निवासी संदीप राजपूत से कुछ माह पहले जवाहर अहिरवार ने रुपये उधार लिए थे। करीब बीस दिन पहले संदीप ने जवाहर से रुपये वापस मांगे तो विवाद हो गया। जवाहर ने महोबकंठ थाने में संदीप के खिलाफ तहरीर दी थी। जवाहर ने संदीप के खिलाफ गाली गलौज व मारपीट का आरोप लगाया था। थाना प्रभारी ने मामले की विवेचना दारोगा कमलेश कुमार को सौंपी थी। संदीप का कहना है कि विवेचक दारोगा ने एससीएसटी का मुकदमा दर्ज होने की बात कही थी। उसके मुंहबोले मामा राकेश ने करीब 15 दिन पहले दारोगा कमलेश कुमार को फोन करके बातचीत की थी। इसके बाद बातचीत का एक ऑडियो वायरल हो रहा है।

ऑडियो में हुई बातचीत

हालांकि इस ऑडियो की पुष्टि जागरण डॉट काम नहीं करता है। ये आडियो करीब चार मिनट का है और इसमें खुद को दारोगा कमलेश बताने वाला कह रहा कि हमे इतना पावर मिल गया है कि हम एससीएसटी का मुकदमा तो लिखेंगे, तुम लोग ध्यान नहीं दे रहे हो। पीड़ित पक्ष कहता है साहब कुछ कम करके आप ही बता दो कितने देने होंगे। दूसरी तरफ से कहा जाता है कि देखो वो लोग बालू माफिया हैं, कुछ भी कर सकते हैं। देखो कल आठ बजे तक आओगे तो समझौता हो जाएगा नहीं तो एससीएसटी लिखेगा।

एसपी ने दारोगा को किया निलंबित

ऑडियो वायरल होने के बाद प्रकरण का संज्ञान लेते हुए एसपी सुधा सिंह ने बताया कि आरोपित दारोगा कमलेश कुमार को निलंबित करके पुलिस लाइन आमद कराने के निर्देश दिए गए हैं। प्रकरण की जांच कराई जा रही है।  वहीं महोकंठ थाने में तैनात दारोगा कमलेश कुमार का कहना है कि यह फर्जी आडियो है, यह हमारी आवाज नहीं है।

Edited By: Abhishek Agnihotri

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