नेपाल सीमा पर SSB जवान को झटका देकर भागा अमेरिकी नागरिक, ग्रामीणों ने रस्सी से बांधकर पाया काबू
अमेरिकी नागरिक जार्डेन ब्राउन को बिना वीजा नेपाल जाने की कोशिश में महराजगंज में पकड़ा गया। भागने की कोशिश करने ...और पढ़ें
HighLights
अमेरिकी नागरिक जार्डेन ब्राउन बिना वीजा नेपाल जा रहा था।
भागने की कोशिश पर ग्रामीणों ने पैर में रस्सी बांधी।
एसएसबी ने पकड़ा, पूछताछ के बाद पुलिस को सौंपा, फिर जेल।
जागरण संवाददाता, महराजगंज। बिना वीजा भारत से नेपाल जाने के प्रयास के दौरान पकड़े गए अमेरिकी नागरिक जार्डेन ब्राउन को लेकर शनिवार को उस समय असहज स्थिति उत्पन्न हो गई, जब वह एसएसबी जवान का हाथ छुड़ा कर भागने लगा। नेपाल सीमा के निकट होने के कारण कुछ समय के लिए स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जिससे लगा कि वह भारतीय सीमा से दूर चला जाएगा।
इस दौरान एसएसबी जवानों और स्थानीय ग्रामीणों ने उसे पकड़ने के लिए प्रयास किए। किसी तरह घेराबंदी कर जब उसे पकड़ा गया, तो वह फिर से ग्रामीणों को धक्का देकर भागने की कोशिश करने लगा। अंततः ग्रामीणों ने उसके एक पैर को रस्सी से बांधकर काबू किया।
अमेरिकी नागरिक के एक पैर में रस्सी बंधी हुई थी और ग्रामीण तथा एसएसबी जवान उसे अपने चेक पोस्ट पर ले जाते हुए दिखाई दिए। इस घटना का एक वीडियो भी इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रहा है, हालांकि दैनिक जागरण इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।
शनिवार को अमेरिकी नागरिक को एसएसबी की 22वीं वाहिनी (सशस्त्र सीमा बल) के जवानों ने गश्त के दौरान सोनौली कोतवाली क्षेत्र के सीमा स्तंभ 516 के समीप दबोच लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से 31,460 रुपये नकद और दो मोबाइल फोन बरामद हुए, लेकिन उसकी पहचान से संबंधित कोई दस्तावेज नहीं मिला। वह बार-बार अपने बयान बदल रहा था, जिससे उसके नाम और नागरिकता को लेकर संदेह उत्पन्न हो गया।
इसी दौरान, जब वह एसएसबी जवान का हाथ छुड़ाकर भागने लगा, तो जवानों और स्थानीय ग्रामीणों ने उसे पकड़ने के लिए दौड़ लगाई। किसी तरह उसके एक पैर में रस्सी बांध काबू में लेकर उसे चेक पोस्ट पर लाया गया। कुछ समय बाद वहां एसएसबी, आइबी और रॉ के अधिकारी पहुंचे। रात 12 बजे तक उससे पूछताछ होती रही।
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उसने बताया कि भारत आने से पहले वह मई में बाली गया था। उसने कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त करने और अमेरिकी नौसेना में लगभग छह वर्ष तक सेवा देने का दावा किया। उसने बताया कि दो वर्ष पहले उसने नौसेना की नौकरी छोड़ दी थी। आठ जुलाई को वह बेंगलुरु से बस द्वारा लखनऊ, फिर दूसरी बस से गोरखपुर पहुंचा। इसके बाद टैक्सी से सोनौली सीमा तक आया और वहां से पगडंडी के जरिए नेपाल जाने का प्रयास कर रहा था।
सीओ नौतनवा बसंत सिंह ने बताया कि रात एक बजे एसएसबी जवानों ने अमेरिकी नागरिक को पुलिस को सौंपा है। उसके विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर रविवार को उसे न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। रस्सी बांधने का प्रकरण उनके संज्ञान में नहीं है। यदि ऐसा है, तो ग्रामीणों को अमेरिकी नागरिक के पैर में रस्सी नहीं बांधनी चाहिए थी। मामले की जांच कराई जाएगी।
