महराजगंज: जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों को फल वितरित कर नेशनल फार्मासिस्ट एसोसिएशन ने विश्व फार्मासिस्ट दिवस मनाया। मुख्य अतिथि संगठन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ पियूष सिंह ने कहा कि फार्मासिस्ट औषधि का जनक होता है। जहां से मरीज के प्रति डॉक्टर की सोच समाप्त होती है, वहां से फार्मासिस्ट की सोच शुरू होती है।

जागरूकता के अभाव में फार्मासिस्ट व मरीज के बीच संबंध स्थापित नहीं हो पाता। जिससे मरीज को औषधि की काउंसिलिग एवं डिस्पेसिग के बिना दवा खानी पड़ती है। जिससे दवा पूर्ण रूप से कार्य करने में अक्षम हो जाता है और मरीज ओवरडोज लेते हैं, जिसका दुष्प्रभाव पड़ता है। प्रदेश उपाध्यक्ष कृष्णानंद पांडेय ने कहा कि फार्मासिस्ट स्वास्थ्य विभाग के रीढ़ की हड्डी होता है। मंडल अध्यक्ष मेराज आलम ने कहा कि जब तक मरीज को फार्मासिस्ट के द्वारा मेडिसिन का काउंसिलिग डिस्पेसिग नहीं किया जाता तो मरीज का इलाज अधूरा होता है। मरीज को दवा के दुष्प्रभाव होने का खतरा होता है। जिलाध्यक्ष शशांक श्रीवास्तव ने कहा कि फार्मासिस्ट ही दवा की शोधकर्ता से लेकर उत्पत्तिकर्ता होता है। फल वितरण के दौरान अजीत मिश्रा, सुधीर पांडेय, अभिषेक पटेल,अरुण शुक्ला, दिनेश गुप्ता, रितेश यादव ,रमेश मद्धेशिया, सुरेंद्र यादव, फारुख अली, अमित यादव, पवन यादव मौजूद रहे।

Posted By: Jagran

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