महराजगंज: जिलाधिकारी डा. उज्ज्वल कुमार ने कलेक्ट्रेट कार्यालय कक्ष में किसानों की गन्ना मूल्य भुगतान को लेकर मिल प्रबंधकों के साथ बैठक कर समीक्षा की। डीएम ने कहा कि किसानों के लंबित गन्ना मूल्य का भुगतान शीघ्र किया जाए, अन्यथा प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। जिलाधिकारी ने समीक्षा में पाया कि गड़ौरा मिल ने वर्ष 2017-18 का बकाया 191.75 लाख रुपये का भुगतान अभी तक नहीं किया है। जिस पर उन्होंने नाराजगी जाहिर करते हुए 10 दिनों के अंदर भुगतान करने का निर्देश दिया। उन्होंने जिला गन्ना अधिकारी जगदीश चंद्र यादव को निर्देशित किया कि भुगतान प्रक्रिया की निगरानी करें और भुगतान नहीं होने पर प्राथमिकी दर्ज कराएं। वर्तमान सीजन में भी गन्ना मूल्य भुगतान अच्छी नहीं है।

सिसवा बाजार 85 फीसद व पिपराइच द्वारा 82 फीसद भुगतान किया जा चुका है। कप्तानगंज ने मात्र 40 फीसद ही भुगतान किया है। जिलाधिकारी ने कप्तानगंज सहित सभी गन्ना मिलर को निर्देश दिया कि अवशेष गन्ना मूल्य का यथाशीघ्र भुगतान किया जाए। बैठक में सिसवा बाजार कर्मवीर सिंह, पिपराइच से सीताराम भारद्वाज, कप्तानगंज के अखिलेश सिंह, गड़ौरा के दीनदयाल पांडेय उपस्थित रहे।

नदियों का जलस्तर घटने से किसानों को राहत

महराजगंज: ठूठीबारी में मानसून आने के बाद 15 जून से शुरू हुई बारिश में पहाड़ी नदियों का जलस्तर बढ़ गया था। जिससे सभी नदियां उफान पर थीं। इस कारण भारत-नेपाल सीमा के अधिकांश गांवों में बाढ़ आ गई थी। अब बारिश बंद होने के बाद सभी नदियों का जलस्तर कम होने लगा है। जिससे खेतों में जमा पानी नदी में जाने से किसानों ने राहत की सांस ली है। किसानों को इस समय धान की रोपनी करनी है, लेकिन खेतों में भरे पानी से रोपनी नहीं हो पा रही थी। लेकिन अब नदी का जलस्तर कम होने से खेतों का पानी नदी में जाने लगा है, जिससे सब्जी की खेती करने वाले किसानों को भी राहत मिली है।

पहाड़ों से निकल कर भारतीय क्षेत्र में बहने वाली चंदन, झरही, भौरहिया नाला, महाव, सोनिया नाला, घोला आदि नदियां गुजरती हैं। बारिश के बाद इन नदियों में उफान आ जाता है। इससे कई गांव प्रभावित होते हैं। जिसमें बड़की भरवलिया, छोटकी भरवलिया, बसंतपुर, लक्ष्मीपुर खुर्द, आराजी बैरिया, तुरकहिया आदि गांव शामिल हैं।

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