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नेपाल में भारतीय वाहनों के लिए नए नियम, साल में सिर्फ 30 दिन की अनुमति

Published: Sun, 10 May 2026 01:24 PM (GMT+05:30)

नेपाल में भारतीय वाहनों के प्रवेश के लिए नई ऑनलाइन भंसार प्रणाली लागू हुई है, जिसके तहत भारतीय वाहन एक ...और पढ़ें

नेपाल में भंसार की आनलाइन प्रक्रिया शुरू होने के बाद बढ़ी सख्ती। जागरण

नेपाल में भंसार की आनलाइन प्रक्रिया शुरू होने के बाद बढ़ी सख्ती। जागरण

HighLights

  1. ऑनलाइन भंसार प्रणाली से नेपाल में भारतीय वाहनों पर सख्ती बढ़ी।

  2. भारतीय पर्यटक वाहन अब साल में अधिकतम 30 दिन रुक सकेंगे।

  3. सीमावर्ती बाजारों तक 12 घंटे के लिए जाने वाले वाहनों को छूट।

जागरण टीम, महराजगंज/ सिद्धार्थनगर। नेपाल में भारतीय वाहनों के प्रवेश के लिए भंसार (कस्टम) की आनलाइन व्यवस्था शुरू होने से सख्ती बढ़ गई है। अब भारत सहित अन्य देशों के वाहन वर्ष भर में सिर्फ 30 दिन ही नेपाल में रुक सकेंगे। समय अवधि पूरी होने पर उन्हें वापस आना होगा, अन्यथा वहां रहने वाले विदेशी वाहनाें को जब्त कर लिया जाएगा।

मालवाहक पर यह नियम लागू नहीं होगा। यदि पर्यटक 30 दिन से अधिक दिन तक नेपाल में रहना चाहेंगे तो उन्हें वाहन बदलना होगा। यह नियम नेपाल सीमा के विभिन्न नाकों पर पहले से लागू था, लेकिन आनलाइन भंसार प्रणाली न होने के कारण यह पता लगाना कठिन था कि कौन सा वाहन कितनी बार नेपाल आया और कितने दिन रुका।

अब डिजिटल प्रणाली लागू होने से वाहनों की आवाजाही का पूरा डाटा भंसार कार्यालय में उपलब्ध हो जा रहा है। भैरहवा भंसार कार्यालय के प्रमुख हरिहर पौडेल ने बताया कि भारतीय पर्यटक वाहन एक कैलेंडर वर्ष में अधिकतम 30 दिन तक ही नेपाल में रह सकेंगे।

इस अवधि में वह एक बार या अपनी सुविधा के अनुसार कई बार भंसार करा कर आ-जा सकते हैं। भारतीय नागरिक नेपाल में जब तक चाहें रह सकते हैं, लेकिन कार, जीप और मोटरसाइकिल जैसे वाहनों को एक वर्ष में 30 दिन तक ही नेपाल में रहने की अनुमति मिलेगी।

सुविधा बनवा कर सीमावर्ती बाजार तक पूर्व की भांति जा सकेंगे भारतीय वाहन
सीमावर्ती नेपाली बाजारों तक आने वाले भारतीय कार, जीप और मोटरसाइकिल जैसे वाहनों को 12 घंटे की विशेष सुविधा दी गई है। इस अवधि के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाता है। इस श्रेणी के वाहनों पर 30 दिन वाली व्यवस्था लागू नहीं होती है।

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भारतीय पर्यटक वाहन सुविधा पास लेकर बेलहिया, भैरहवा, महेशपुर, नवलपरासी,कृष्णानगर, मर्जादपुर सहित सीमा से सटे अन्य नेपाली बाजारों तक आ-जा सकते हैं। उस पर किसी प्रकार की पाबंदी नहीं है। इसी व्यवस्था के तहत नेपाली वाहन भी भारत के निकटवर्ती रेलवे स्टेशनों तक जा सकते हैं।

नेपाल में भारतीय वाहनों के लिए निर्धारित शुल्क
नेपाल सामान लेकर जाने वाले भारतीय मालवाहक से 1700 रुपये नेपाली(1062.50 भारतीय) शुल्क लिया जाता है। उन्हें दो दिन के भीतर लौटना होता है। वहीं, सामान लेकर नेपाल जाने वाले भारतीय वाहनों से 1500 रुपये नेपाली (937 रुपये भारतीय) शुल्क निर्धारित है। मालवाहक वाहन यदि 72 घंटे के भीतर नेपाल छोड़ देते हैं तो उन्हें कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना पड़ेगा, लेकिन 72 घंटे से अधिक रुकने पर प्रतिदिन 2500 रुपये नेपाली (1562.50 भारतीय) की दर से अतिरिक्त शुल्क देना पड़ेगा।

पर्यटक वाहनों (कार, बस व ट्रेवलर) को प्रतिदिन के हिसाब से 600 रुपये नेपाली (375 रुपया) भंसार शुल्क निर्धारित है। इसके अलावा सभी वाहनों पर परमिट शुल्क अलग से लगता है। प्रतिदिन के हिसाब से बस का एक हजार रुपये नेपाली (625 रुपये भारतीय) मिनी बस का 700 नेपाली( 437 रुपया भारतीय) कार का तीन सौ रुपये नेपाली (187.50 रुपया भारतीय ) शुल्क निर्धारित है।

भारतीय पर्यटक वाहन भंसार कराने के बाद वर्ष भर में 30 बार या अधिकतम 30 दिन तक नेपाल में रह सकेंगे। यह नियम पूर्व में बनाया गया था। आनलाइन भंसार प्रणाली लागू होने के बाद इसका सख्ती से अनुपालन कराया जा रहा है। सीमावर्ती बाजारों तक जाने के लिए बनने वाले सुविधा पास में कोई बदलाव नहीं किया गया है। पास बनवा कर भारतीय वाहन निर्धारित कस्बों तक अपनी आवश्यकता के अनुसार आ-जा सकते हैं।

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-हरिहर पौडेल, प्रमुख, भैरहवा भंसार कार्यालय (नेपाल)

सुविधाओं की कोई कमी नहीं है, समस्या केवल भंसार व्यवस्था को लेकर बनाई जा रही भ्रांतियों की है। नियमों का उद्देश्य लोगों को असुविधा देना नहीं, बल्कि आवागमन को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाना है। वर्तमान व्यवस्था के अनुसार कोई भी वाहन एक वर्ष में अधिकतम 30 बार नेपाल सीमा में प्रवेश कर सकता है अथवा कुल 30 दिनों तक नेपाली क्षेत्र में रह सकता है। यदि किसी व्यक्ति को 31वीं बार जाना हो तो वह दूसरे वाहन का उपयोग कर आसानी से यात्रा कर सकता है।

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-अभिषेक प्रताप शाह, सांसद, कपिलवस्तु, क्षेत्र संख्या तीन