महराजगंज : पनियरा थाना अंतर्गत बैजूडेहरा गांव के पास पांच माह पहले हुई आटो चालक 50 वर्षीय कमलेश राय की हत्या की गुत्थी अब तक नहीं सुलझ सकी। हत्या करने व कराने वाले का नाम व ठिकाने का पता भी अब तक पुलिस हासिल नहीं कर

सकी। क्षेत्र के छोटे बदमाशों को पकड़ने व पूछताछ कर छोड़ने तक ही पुलिस की कार्रवाई सिमट गई है।

मालूम हो कि गोरखपुर महानगर के शाहपुर थाना अंतर्गत जंगल हकीम नंबर एक, पादरीबाजार निवासी व आटो चालक कमलेश राय की हत्या कर फेंकी गई लाश बीते एक अप्रैल की सुबह पनियरा थाना अंतर्गत बैजूडेहरा पुल के नीचे बरामद हुई थी। चालक के दोनों हाथ बंधे थे। पुलिस अधीक्षक आरपी ¨सह ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ हत्या की धारा में केस दर्ज कराया और हत्यारों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की दो टीम गठित की थी। परिजनों ने पैसे के लेन-देन को लेकर हत्या की आशंका जताई थी और शाहपुर थाना क्षेत्र के राप्तीनगर निवासी एक प्रापर्टी डीलर पर हत्या कराने का शक जाहिर किया था।

आटो चालक के हत्यारों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की एक टीम शाहपुर गई। प्रापर्टी डीलर से पूछताछ भी की पर कोई क्लू हाथ नहीं लगा, तो प्रापर्टी डीलर को छोड़ दिया। पुलिस ने पनियरा क्षेत्र के कई छोटे बदमाशों को उठाया और पूछताछ कर सुराग न मिलने पर छोड़ दिया। गंभीर बात यह है कि पांच माह से अधिक समय हो गया पर पुलिस यह भी पता नहीं लगा सकी आटो चालक की हत्या किसने और क्यों कराई। हालांकि आटो चालक हत्याकांड का अब तब पर्दाफाश न होने के लिए परिजनों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और कहा कि पनियरा पुलिस की लापरवाही के कारण हत्यारे अब तक पकड़े नहीं जा सके। लगता है कि पनियरा पुलिस ने आटो चालक हत्याकांड की फाइल ठंडे बस्ते में डाल दिया है। पनियरा थाने के प्रभारी निरीक्षक मनीष ¨सह ने कहा कि धर्मशाला, गोरखपुर से पनियरा व परतावल चलने वाले एक दर्जन आटो चालकों से पूछताछ में महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं। शीघ्र ही आटो चालक हत्याकांड में शामिल आरोपितों की गिरफ्तारी हो जाएगी।

Posted By: Jagran