महाराजगंज में एक दिन की थानेदार बनीं मुक्ति तिवारी, फरियादियों की समस्याएं सुनकर दिया निस्तारण का निर्देश
महाराजगंज के निचलौल थाने में मिशन शक्ति अभियान के तहत बीएससी की छात्रा मुक्ति तिवारी को एक दिन का थाना ...और पढ़ें
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HighLights
मुक्ति तिवारी बनीं निचलौल थाने की एक दिन की SHO.
फरियादियों की समस्याएं सुनीं, पुलिस कार्यप्रणाली को समझा.
मिशन शक्ति का उद्देश्य बेटियों में आत्मविश्वास बढ़ाना.
जागरण संवाददाता, निचलौल। मिशन शक्ति अभियान के तहत शनिवार को निचलौल थाने में एक अनूठी पहल देखने को मिली। सरस्वती देवी महिला महाविद्यालय, टिकुलहिया में बीएससी पांचवें सेमेस्टर की छात्रा मुक्ति तिवारी को एक दिन के लिए थाना प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई। थानेदार की कुर्सी पर बैठकर उन्होंने न केवल पुलिस की कार्यप्रणाली को करीब से समझा, बल्कि थाने पर अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे फरियादियों की शिकायतें भी सुनीं। इस पहल का उद्देश्य बेटियों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और निर्णय लेने की योग्यता विकसित करने के साथ उन्हें पुलिस एवं प्रशासनिक व्यवस्था से परिचित कराना है।
थाना प्रभारी की जिम्मेदारी संभालते ही मुक्ति तिवारी ने थाने पर आने वाले फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने संबंधित मामलों की जानकारी लेते हुए उनके निष्पक्ष एवं समयबद्ध निस्तारण के लिए आवश्यक निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने महिला हेल्प डेस्क, सीसीटीएनएस कक्ष और आइजीआरएस सेल का निरीक्षण कर वहां होने वाले कार्यों की जानकारी प्राप्त की। पुलिसकर्मियों से संवाद कर उन्होंने शिकायतों के पंजीकरण, उनके निस्तारण और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों को भी समझा।
प्रभारी निरीक्षक योगेंद्र राय ने बताया कि मिशन शक्ति अभियान का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं और महिलाओं को सशक्त, सुरक्षित एवं आत्मनिर्भर बनाना है। ऐसे कार्यक्रम बेटियों को यह विश्वास दिलाते हैं कि वे भी अपनी योग्यता और मेहनत के बल पर किसी भी क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। इस दौरान थाने की महिला पुलिसकर्मी नंदिनी, वंदना, संजय कुमार यादव सहित अन्य पुलिसकर्मी मौजूद रहे।
अंजली बनीं एक दिन की प्रधानाचार्य, देखी व्यवस्था
मिशन शक्ति अभियान के तहत शनिवार को होप पब्लिक स्कूल धरमपुर में कक्षा पांच की छात्रा अंजली चौधरी को एक दिन के लिए प्रधानाचार्य बनाया गया। इस दौरान उन्होंने उपस्थिति पंजिका, एसआर रजिस्टर और आवागमन रजिस्टर का निरीक्षण कर विद्यालय की व्यवस्थाओं को समझा।शिक्षकों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा निर्देश अंजली ने बताया कि पढ़ाई पूरी करने के बाद प्रधानाचार्य बनना उनका सपना है। वह गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के माध्यम से बच्चों का भविष्य संवारना चाहती हैं।
एक दिन की जिम्मेदारी मिलने से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है। बेटी को प्रधानाचार्य की भूमिका में देखकर मां विद्यावती ने खुशी जताई उनके पिता मनोज चौधरी एक किसान हैं। विद्यालय की इस पहल का उद्देश्य छात्राओं में नेतृत्व क्षमता विकसित करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करना है।
