जागरण संवाददाता, महराजगंज: परिषदीय स्कूलों में बच्चों को मिलने वाले स्कूल ड्रेस स्वेटर, बैग, जूता-मोजा की खरीद में खेल न हो, इसके लिए सरकार ने अभिभावकों के खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) से पैसा भेजने की व्यवस्था बनाई है। इससे अभिभावक को बच्चों के लिए स्वयं ड्रेस, स्वेटर, जूता-मोजा और स्कूल बैग खरीदना है, लेकिन महराजगंज में विभागीय लापरवाही के चलते अभी भी 1.79 लाख बच्चे ठंड से ठिठुरने को मजबूर हैं। मुख्य वजह डीबीटी पोर्टल पर अभिभावकों का डाटा फीडिग ही नहीं हो पाना है।

जिले में बेसिक शिक्षा विभाग के 1695 विद्यालयों में कुल पंजीकृत 283649 बच्चों के अभिभावकों के खाते में योजना के तहत धनराशि भेजी जानी है। इसके लिए शिक्षकों को डीबीटी पोर्टल पर बच्चों के अभिभावकों के खाते की जानकारी अपडेट करनी थी, लेकिन प्रधानाध्यापकों की लापरवाही के कारण पोर्टल पर मात्र 215432 बच्चों के अभिभावकों का ही डाटा अपडेट के लिए पंजीकरण हो सका। इसमें से अपडेट 135425 डाटा को ही डीबीटी के लिए भेजा गया था, जिसमें से मात्र 104280 को ही योजना के तहत लाभ मिल सका। शेष 1.79 लाख बच्चों के अभिभावकों को धनराशि नहीं मिल सकी है।

धनराशि न मिलने के कारण बच्चों के साथ अभिभावकों को भी परेशानी हो रही है।

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ओपी यादव ने बताया कि डीबीटी योजना से समस्त बच्चों को जोड़ने के लिए सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र लिखा गया है। कार्य लगभग पूरा होने वाला है। जल्द ही सभी बच्चों को योजना के तहत डीबीटी से आच्छादित करते हुए लाभ दिलाया जाएगा।

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