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महराजगंज में जेन अल्फा के छात्रों ने संभाली सड़क की जिम्मेदारी, गड्ढों में मिट्टी भरकर की मरम्मत

Published: Mon, 12 Oct 2026 07:11 PM (IST)

निचलौल में जिम्मेदारों की अनदेखी के बाद जेन अल्फा के छात्रों ने खराब सड़क की मरम्मत का बीड़ा उठाया। उन्होंने ...और पढ़ें

जेन अल्फा के छात्रों ने संभाली सड़क की जिम्मेदारी।

जेन अल्फा के छात्रों ने संभाली सड़क की जिम्मेदारी।

HighLights

  1. जेन अल्फा छात्रों ने खराब सड़क की मरम्मत की।

  2. गड्ढों में मिट्टी भरकर, ईंटें लगाकर रास्ता सुधारा।

  3. अधिकारियों की अनदेखी के बाद छात्रों ने पहल की।

जागरण संवाददाता, निचलौल। जिम्मेदारों की अनदेखी के बीच जेन अल्फा के छात्रों ने जनहित में पहल कर मिसाल पेश की है। लंबे समय से बदहाल सड़क पर बने गड्ढों में भरे कीचड़ और पानी से राहगीरों को परेशानी हो रही थी। आए दिन लोग गिरकर चोटिल हो रहे थे। ऐसे में स्कूल में पढ़ने वाले किशोरों ने सोमवार को खुद ही सड़क की मरम्मत का बीड़ा उठाया।

उन्होंने गड्ढों से पानी निकालकर उनमें मिट्टी भरी और सड़क किनारे बिखरी ईंटों को लगाकर आवागमन के लायक बनाया। साथ ही सड़क के किनारे उगी झाड़ियों की भी सफाई की।

चंदा से वसूली जाने वाली यह सड़क काफी समय से बदहाल है। क्षेत्रवासी सड़क की मरम्मत के लिए अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से कई बार गुहार लगा चुके हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। लगातार बारिश के कारण सड़क पर जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं और उनमें पानी भरने से राह चलना मुश्किल हो गया है।

शनिवार को चंदा निवासी शहजाद आलम अपने दोस्तों के साथ साइकिल से पढ़ने के लिए जहदा जा रहा था। इसी दौरान वह सड़क पर भरे कीचड़ में गिर गया। उसके कपड़े, किताबें और कापियां पानी में भीग गईं।

इस घटना से परेशान शहजाद ने रविवार को अपने साथियों के साथ अधिकारियों से सड़क की मरम्मत कराने की मांग की। इसके बाद उसने अपने सहपाठियों करण चौहान, सूरज और अखिलेश के साथ मिलकर सड़क को दुरुस्त करने का निर्णय लिया।

सोमवार को सभी छात्र जुटे और गड्ढों से पानी निकालकर उनमें मिट्टी भरने लगे। सड़क किनारे पड़ी ईंटों को गड्ढों में लगाकर ऊपर से मिट्टी डाली, जिससे लोगों को आने-जाने में सहूलियत मिल सके। झाड़ियों की कटाई कर रास्ते की सफाई भी की। छात्रों की इस पहल की क्षेत्र में सराहना हो रही है।

शहजाद आलम ने बताया कि गांव से करीब 25 छात्र-छात्राएं पढ़ाई के लिए जहदा जाते हैं। सड़क खराब होने के कारण उन्हें रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार बच्चे फिसलकर गिर जाते हैं और चोटिल हो जाते हैं।

अधिकारियों से कई बार सड़क ठीक कराने की मांग की गई, लेकिन मरम्मत नहीं हुई। इसलिए साथियों के साथ मिलकर रास्ते को चलने लायक बनाने का प्रयास किया है।

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