महराजगंज में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के नाम पर वसूली, वकीलों ने डीएम कार्यालय के बाहर किया प्रदर्शन
महराजगंज में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने और नवीनीकरण में कथित वसूली को लेकर अधिवक्ताओं ने जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया।

अधिवक्ताओं का आरोप है कि सरकारी फीस की निर्धारित सूची उपलब्ध नहीं कराई जा रही।
HighLights
लाइसेंस बनवाने, नवीनीकरण में वसूली का आरोप।
अधिवक्ताओं ने जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया।
एआरटीओ, डीटीआई पर दलालों से मिलीभगत का आरोप।
जागरण संवाददाता, महराजगंज। संभागीय परिवहन कार्यालय (एआरटीओ) में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने और नवीनीकरण के नाम पर कथित वसूली का मामला सामने आया है। शुक्रवार को अधिवक्ताओं ने एआरटीओ और ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (डीटीआई) की भूमिका पर सवाल उठाते हुए जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया। उन्होंने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की।
अधिवक्ताओं का आरोप है कि सरकारी फीस की निर्धारित सूची उपलब्ध नहीं कराई जा रही और दलालों के जरिए आवेदकों से 5,500 से 7,500 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। अधिवक्ता जुगुल किशोर पटेल ने बताया कि पिछले कुछ महीनों से महराजगंज स्थित एआरटीओ कार्यालय में ड्राइविंग लाइसेंस के लिए टेस्ट हो रहा था।
एक जुलाई 2026 से लाइसेंस नवीनीकरण, ट्रांसपोर्ट लाइसेंस और स्थायी लाइसेंस का टेस्ट डीटीआई कंपनी को सौंप दिया गया है। उनके अनुसार, फाइल और टेस्ट फीस जमा होने के बाद आरआई (रीजनल इंस्पेक्टर) अपने लॉगिन से टेस्ट पास करते हैं। अधिवक्ताओं ने कहा कि नई व्यवस्था को लेकर आवेदकों और प्रशिक्षुओं को गुमराह किया जा रहा है।
डीटीआई की ओर से लाइसेंस की विभिन्न श्रेणियों और निर्धारित शुल्क की सूची भी नहीं दी जा रही। इससे अलग-अलग फाइलों के नाम पर दलालों के माध्यम से मनमानी रकम वसूले जाने का आरोप है। अधिवक्ताओं ने जिलाधिकारी से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन देने वालों में जुगुल किशोर पटेल, शशिभूषण चौबे, अकबर अली और दर्शन शर्मा समेत अन्य लोग शामिल रहे।