जहां-तहां बैठकर काम करते हैं पुलिसकर्मी, चौकी पुलिस पर है चार गांवों की सुरक्षा की जिम्मेदारी

महराजगंज: जिला कारागार के निकट जेल पुलिस चौकी बिना भवन के संचालित हो रही है। चौकी प्रभारी व पुलिसकर्मी जहां-तहां बैठकर कार्य निपटाते हैं। पीड़ित उन्हें खोजने के लिए भटकते रहते हैं। अपराध होने पर मोबाइल पर बात हो गई तो ठीक, अन्यथा पीड़ित परेशान रहते हैं और थक हारकर उन्हें कोतवाली जाना पड़ता है।

सदर कोतवाली में आठ पुलिस चौकी है। नगर चौकी, कलक्ट्रेट, बागापार, भिटौली, पकड़ी, सिसवा मुंशी और आइटीएम गेट पुलिस चौकी भवनों में संचालित है। वहीं जेल पुलिस चौकी का कोई भवन नहीं है। चार गांवों धनेवा-धनेई, पनेवा, मुंडेरा कला और बौलिया राजा के लिए चौकी प्रभारी के साथ यहां छह पुलिसकर्मियों की नियुक्ति है।

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चौकी का स्थायी भवन हो, जिससे प्रभारी निश्चित स्थान और समय पर पीड़ित से मिल सकें। किसी भी प्रकार की कानूनी मदद लेने के लिए लोगों को न चाहते हुए भी कोतवाली जाना पड़ता है।

विनय त्रिपाठी, धनेवा

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क्षेत्र के लोगों की समस्याओं के समाधान को लेकर चौकी का गठन किया गया था। लेकिन चौकी भवन न होने से नागरिकों को अपनी शिकायतें लेकर कोतवाली ही जाना पड़ता है, ऐसे में चौकी औचित्यहीन साबित हो रही है। चौकी के अपने भवन की जल्द से जल्द व्यवस्था की जाए।

अजय गुप्ता , धनेवा, धेनई चौराहा

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चौकी भवन के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। इसके स्वीकृत होने और धन मिलते ही चौकी भवन का निर्माण करा दिया जाएगा। वर्तमान में विशेष स्थान चिह्नित करते हुए सुनवाई किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रदीप गुप्ता, पुलिस अधीक्षक महराजगंज