भारत-नेपाल सीमा पर टायर-ट्यूब तस्करी का बड़ा नेटवर्क, महराजगंज से दिल्ली तक फैला है गिरोह का नेटवर्क
भारत-नेपाल सीमा पर टायर-ट्यूब की तस्करी में एक संगठित गिरोह सक्रिय है, जो पगडंडियों के रास्ते नेपाल से खराब टायर भारत पहुंचाता है।

पगडंडियों से होती है टायर-ट्यूब की तस्करी।
HighLights
भारत-नेपाल सीमा पर टायर-ट्यूब तस्करी में संगठित गिरोह सक्रिय।
नेपाल से पगडंडियों के रास्ते भारत में खराब टायर लाए जाते हैं।
यह नेटवर्क महराजगंज से दिल्ली तक फैला है, बड़े कारोबारी शामिल।
जागरण संवाददाता, नौतनवा। भारत-नेपाल सीमा पर टायर-ट्यूब की तस्करी में संगठित गिरोह सक्रिय होने की बात सामने आई है। आरोप है कि नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्रों में खराब टायर-ट्यूब को पहले डंप किया जाता है और इसके बाद कैरियर पगडंडियों से उसे भारत में पहुंचाते हैं।
खनुआ, शेख फरेंदा, सोनौली, श्यामकाट, बैरिहवा, भगवानपुर, तिलहवा और मुर्दहिया क्षेत्र की पगडंडियों का इस्तेमाल किए जाने की चर्चा है। भारत पहुंचने के बाद यह सामान नौतनवा और सोनौली क्षेत्र की दुकानों में खपाया जाता है।
बताया जा रहा है कि ट्रकों के खराब टायर करीब 500 रुपये में खरीदे जाते हैं। दुकानदारों के माध्यम से बड़ी संख्या में टायर-ट्यूब एकत्र कर बस्ती, कानपुर, दिल्ली समेत अन्य शहरों में भेजे जाते हैं। इसके पीछे नेपाल में बैठे लोगों से लेकर भारत के बड़े कारोबारियों तक का नेटवर्क काम कर रहा है।
पुराने और खराब टायर-ट्यूब को पूरी तरह बेकार नहीं माना जाता। इन्हें कबाड़ के रूप में रबर, स्टील वायर और अन्य सामग्री अलग करने के लिए भेजा जाता है। रबर का इस्तेमाल रबर उत्पाद, मैट, जूते-चप्पल के सोल तथा अन्य रिसाइकिल उत्पाद बनाने में किया जाता है, जबकि टायर से निकलने वाला स्टील वायर भी कबाड़ के रूप में बिकता है।
यही वजह है कि बड़ी संख्या में पुराने टायर-ट्यूब की खरीद-बिक्री का कारोबार चलता है। हैरानी की बात यह है कि इसमें 90 प्रतिशत लोग बिहार के हैं। जो वर्षों से सीमावर्ती क्षेत्र में रह रहे हैं। सीमा क्षेत्र में दुकानों की आड़ में पुराने टायर-ट्यूब एकत्र कर उन्हें बड़े शहरों तक भेजे जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं।
आरोप है कि छोटे दुकानदार केवल संग्रह और आगे भेजने की कड़ी हैं, जबकि इसके पीछे बड़े कारोबारी और नेपाल-भारत के बीच सक्रिय संगठित नेटवर्क है।
सीमा पर निगरानी बढ़ाकर ऐसे मार्गों और टायर-ट्यूब के आवागमन की जांच की जरूरत है। क्षेत्राधिकारी बसंत सिंह ने बताया कि टायर-ट्यूब की तस्करी की सूचना या शिकायत मिलने पर जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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