कौन हैं IFS डॉ. अब्दुल क़य्यूम, जिन्हें राष्ट्रपति भवन से मिला न्यौता? यूपी के महराजगंज से है कनेक्शन
महराजगंज के सोहरौना राजा गांव से निकलकर डॉ. अब्दुल क़य्यूम आईएफएस ने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के साथ आईएफएस डॉ. अब्दुल क़य्यूम
HighLights
डॉ. अब्दुल क़य्यूम ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की।
आयुष क्षेत्र की संभावनाओं और औषधीय पौधों पर चर्चा हुई।
उनकी यात्रा युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी।
संवाद सूत्र, महराजगंज। महराजगंज जिले के सोहरौना राजा गांव से निकलकर डॉ. अब्दुल क़य्यूम आईएफस ने अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर देश के महत्वपूर्ण संस्थानों तक पहचान बनाई है।
गांव से प्रारंभिक शिक्षा हासिल करने के बाद उन्होंने जवाहर नवोदय विद्यालय गोरखपुर में पढ़ाई की। इसके बाद आईआईटी कानपुर से सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, नई दिल्ली से बायोइंफार्मेटिक्स में पीएचडी की।
हाल ही में राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली में उन्हें भारत की राष्ट्रपति से भेंट और संवाद का अवसर मिला। इस दौरान आयुष क्षेत्र की संभावनाओं तथा औषधीय पौधों के संरक्षण, संवर्धन और जन-जागरूकता से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई।
युवाओं के लिए प्रेरणादायक है डॉ. कय्यूम की कहानी
राष्ट्रीय स्तर पर हर्बल गार्डन विकसित करने की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय आयुष मंत्री प्रताप राव जाधव और के सीईओ प्रो. (डॉ.) महेश कुमार दाधीच भी उपस्थित रहे।
सोहरौना राजा जैसे छोटे गांव से निकलकर राष्ट्रपति भवन तक पहुंची डॉ. कय्यूम की यात्रा क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणादायक है। उनकी सफलता बताती है कि शिक्षा, मेहनत और अवसरों के सहारे गांव से निकली प्रतिभा भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकती है।
