महराजगंज: जिले में कोरोना संक्रमण ने खूब कहर बरपाया है। पहली लहर से सबक न लेने और लापरवाही बरतने के कारण लोगों को इसका खामियाजा दूसरी लहर में भुगतना पड़ा। दूसरी लहर में जहां 6302 मरीज बढ़ गए, वहीं 45 को अपनी जिदगी भी गंवानी पड़ी। लेकिन अब तीसरे लहर की संभावना है। इससे निपटने की तैयारियों में विभाग जुटा है। लेकिन इसके साथ आमजन में भी जागरूकता जरूरी है।

यूं तो जिले में पहली लहर में 25 जनवरी 2020 को बुहान से महराजगंज के लक्ष्मीपुर में आए एक संदिग्ध युवक ने हलचल मचा दिया था। हालांकि जांच में वह निगेटिव पाया गया था। लेकिन प्रदेश में कोरोना के बढ़ते दायरा के कारण आखिरकार अप्रैल के प्रथम सप्ताह में छह तब्लीगी जमातियों के साथ कोरोना जिले में पहुंच गया था। लेकिन 25 फरवरी 2021 को जिला कोरोना मुक्त हो गया था। लोग होली की खुशियों और पंचायत चुनाव को लेकर उत्साहित थे, कि प्रदेश से घर आने वाले लोगों के साथ कोरोना फिर गांव-गांव पहुंच गया। 31 मार्च को संक्रमितों की संख्या 6078 थी। लेकिन गौर करने की बात है कि दूसरी लहर कितना खतरनाक था, चार माह में ही 6302 लोग संक्रमित हो गएं। इस प्रकार जिले में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 12380 हो गई है। मृतकों की संख्या पर नजर डालें तो 31 मार्च को इनकी संख्या 91 थी, जो बढ़कर 136 तक पहुंच गई है। मसलन दूसरी लहर में 45 लोगों की मौत हुई है। ब्लैक फंगस के भी संदिग्ध मरीज पाए गए थे।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. एके श्रीवास्तव ने बताया कि तीसरी लहर से निपटने के लिए प्रशासन तैयारी में जुटा है। आक्सीजन प्लांट लगाए जा रहे हैं। बड़े पैमाने पर टीकाकरण कराया जा रहा है। बच्चों के लिए बेड की अलग से व्यवस्था की गई है। गांव-गांव लोगों को कोविड से बचाव के बारे में जागरूक किया जा रहा है। आमजन को भी खुद सतर्क रहना होगा और भीड़ वाले स्थान पर नहीं जाना चाहिए। मास्क और सैनिटाइजर का प्रयोग करें। अब आक्सीजन के लिए नहीं भटकना पड़ेगा

कोरोना को लेकर एक समय ऐसा भी आया था कि आक्सीजन के लिए त्राहि-त्राहि मची थी और लोग इलाज को भटक रहे थे। हर आंखों में खौफ का मंजर तैर रहा था, लेकिन अब स्थितियां सामान्य हो रही हैं। संक्रमितों की संख्या धीरे-धीरे कम मिल रही है। तीसरी लहर से निपटने के लिए आक्सीजन की पर्याप्त उपलब्धता जिले में हो गई है। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि आक्सीजन के लिए अभी किसी को भटकना नहीं पड़ेगा। कोरोना से बचाव में मददगार हो रहा टीका

16 जनवरी को जिले में टीकाकरण का शुभारंभ हो गया था। लेकिन लोग इसे लगवाने में हिचक रहे थे, जिससे कोरोना वायरस के नियंत्रण में भी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। लोग इसकी चपेट में आते गए। लेकिन अब अधिकांश लोग उत्साह के साथ टीका लगवा रहे हैं, जिससे लोगों में कोरोना संक्रमण का बहुत खतरा नहीं रह रहा है। यह टीका कोरोना संक्रमण के फैलने से रोकने में मददगार साबित हो रहा है।

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