खुफिया मिशन पर था पूर्व अमेरिकी सैनिक जॉर्डन ब्राउन, नेपाल व बांग्लादेश भी निशाने पर
महराजगंज में नेपाल सीमा के पास पूर्व अमेरिकी नेवी सील जार्डन ब्राउन को गिरफ्तार किया गया है, जिस पर नेपाल ...और पढ़ें

अमेरिकी नागरिक जार्डन ब्राउन। जागरण आर्काइव
HighLights
पूर्व अमेरिकी नेवी सील जार्डन ब्राउन महराजगंज में पकड़ा गया।
नेपाल-बांग्लादेश में अस्थिरता फैलाने की साजिश का संदेह।
भारत में व्यापक यात्रा की, मोबाइल फोन तोड़े।
विश्वदीपक त्रिपाठी, महराजगंज। नेपाल सीमा से महज 30 मीटर दूर भारतीय क्षेत्र में पकड़े गए अमेरिका के पूर्व नेवी सील्स जार्डन ब्राउन खतरनाक मंसूबे के साथ भारत में घुसा था। नेवी सील्स (अमेरिका का विशेष सुरक्षा बल जिसे समुद्र, हवा व जमीन तीनों क्षेत्रों में युद्ध की महारथ हासिल है ) में छह वर्ष तक काम करने के बाद वह पिछले दो वर्ष से प्राइवेट मिलिट्री कांट्रेक्ट के तहत अपने मिशन को अंजाम दे रहा था।
जार्डन नवंबर 2025 में भारत आया था और उसका अगला लक्ष्य नेपाल व बांग्लादेश था। इन देशों में अस्थिरता का माहौल बना सरकार के विरुद्ध आंदोलन के लिए प्लेटफार्म तैयार करने की उसकी योजना थी। जार्डन ने आनलाइन रियल एस्टेट कारोबारी बनकर विभिन्न देशों का दौरा किया। पकड़े जाने से पूर्व उसने अपने दोनों मोबाइल तोड़ दिए।
मोबाइल व उसमें लगे एयरटेल के सिम सें डाटा रिकवर करने में पुलिस जुटी है। पूछताछ के दौरान जार्डन ने बताया कि नवंबर 2025 में भारत आने के बाद वह मुंबई, गोवा, दिल्ली, वाराणसी, मैसूर, केरल , कोयंबटूर और बेंगलुरु की यात्रा कर चुका है। ईसाई मिशनरियों से जुड़ाव की बात भी सामने आई है। अब तक जहां-जहां वह रहा, वहां के गेस्टहाउसों का सीसीटीवी फुटेज भी मंगाया जा रहा है।
पूछताछ में जार्डन ने 2014 में कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय से बिजनेस स्टडीज से परास्नातक करने, अपने अविवाहित होने की जानकारी दी है। भारत में राज और चेतन नामक व्यक्ति उसके मददगार बने।
नेपाल प्रवेश करने के लिए नाज नामक व्यक्ति उसकी सहायता कर रहा था। उसी ने बेंगलुरु से नेपाल सीमा तक आने का खाका तैयार किया। जैसे ही जार्डन एसएसबी की गिरफ्त में आया, नाज नेपाल भाग गया। भारतीय सुरक्षा एजेंसियां तीनों मददगारों को पकड़ने के प्रयास में जुटी हैं।
खंगाली जा रही ट्रैवल हिस्ट्री
ट्रैवल हिस्ट्री और भारत आने के उद्देश्य को लेकर जार्डन ब्राउन लगातार बयान बदल रहा है। उसने पकड़े जाने पर नवंबर 2025 को तीन माह के टूरिस्ट वीजा पर भारत के मुंबई एयरपोर्ट आने की बात स्वीकार की। जनवरी 2026 में टूरिस्ट वीजा खत्म होने के बाद भी वह भारत में रहने की बात बताई। बाद में इस बयान से मुकरते हुए उसने थाईलैंड, बाली, श्रीलंका होते हुए समुद्री मार्ग से भारत आने की बात कही।
थाईलैंड में पासपोर्ट सहित सभी आवश्यक दस्तावेज गुम होने की जानकारी दी। वीजा समाप्त होने के बाद भी उसके पास आवश्यक शुल्क जमा कर वैध तरीके से स्वदेश जाने का विकल्प था,लेकिन वह भारत में ही रुका रहा। जिन-जिन गेस्ट हाउसों में वह रहा वहां के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं।
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मजबूत कद काठी को देखते हुए 70 देशों की यात्रा करने पर भी सुरक्षा अधिकारी संदेह जता रहे हैं। उनका मानना है कि दो घंटे प्रतिदिन जिम में बिताने वाले व्यक्ति ही इस तरह हो सकता है। इतनी देशाें की यात्रा के दौरान उसे जिम जाने का समय कहां मिला होगा।
डेढ़ माह में पकड़े गए दो अमेरिकी नागरिक
जिले में बीते डेढ़ माह के अंदर दो अमेरिकी नागरिक पकड़े जा चुक हैं। 11 जुलाई को सोनौली कोतवाली क्षेत्र के सीमा स्तंभ स्तंभ 516 के पास जार्डन ब्राउन को पकड़ा गया। मजबूत कद काठी वाला ब्राउन पहले तो एसएसबी जवान का हाथ छिटक कर भाग गया। बाद में स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से घेरा बंदी कर पकड़ा गया। 31 जून को भी फरेंदा के छतरी पुल पर भोर में चार बजे संदिग्ध परिस्थितियों में बैठे अमेरिका के मिसौरी निवासी ट्रैविस एंथोनी को पुलिस ने पकड़ा था। दोनों को महराजगंज जेल में अलग-अलग बैरेक में रखा गया है।
अमेरिकी नागरिक के विरुद्ध आव्रजन और विदेशी अधिनियम 2025 के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है। भारत में उसके आने के उद्देश्य व उसकी ट्रैवल हिस्ट्री खंगाली जा रही है। अनाधिकृत रूप से नेपाल सीमा पार कराने की कोशिश करने वाले व्यक्ति की भी तलाश की जा रही है। अमेरिकी नागरिक के मोबाइल से डाटा रिकवर कर उससे संबंधित तथ्य जुटाए जाएंगे। जांच के दौरान जो भी साक्ष्य सामने आएगा, उसके अनुरूप आगे की कार्रवाई की जाएगी। कोई भी व्यक्ति बिना जांच सीमा पार न करे, इसके लिए पुलिस को विशेष चौकसी के निर्देश दिए गए हैं।
