महराजगंज: तहसील क्षेत्र के विकास खंड व ग्राम सभा मिठौरा में पुलिस विभाग ने पुलिस चौकी तो आंवटित कर दी, ¨कतु पुलिस चौकी भवन का निर्माण नहीं हुआ, जिसकी वजह

से आवंटित पुलिस चौकी पर तैनात पुलिसकर्मियों द्वारा ग्राम सभा के पंचायत भवन को ही पुलिस चौकी के रूप में उपयोग किया जाने लगा है। हालात यह है कि पंचायत भवन में ही आज करीब 18 सालों से पुलिस चौकी संचालित हो रही है। पंचायत भवन का उद्देश्य छोटे मामलों को ग्राम सभा स्तर पर ही जहां सुलझाना होता है, लेकिन यहां तो पंचायत भवन में ही अब मुकदमा लिखा जाने लगा है। जबकि पंचायत भवन में पुलिस चौकी होने से भवन उद्देश्यहीन साबित होने लगा है।

स्थानीय थाना निचलौल यह पुलिस चौकी जो कि मात्र चार गांव की जिम्मेदारियों का बोझ अपने सिर लिए शांति व्यवस्था को कायम किए हुए हैं। वहीं ग्रामीण विकास विभाग की महत्वपूर्ण कड़ी पंचायत भवन में पुलिस के कब्जे की वजह से ग्राम सभा के समितियों की बैठक मुश्किल हो गई है। पंचायत भवन जहां गांव के छोटे मसलों को मिल बैठकर आपस में सुलझाया जाता है, वहीं मिठौरा में यह परंपरा अब लुप्त होती चली जा रही है, क्योंकि छोटे से विवाद में भी मामला पुलिस चौकी पहुंच जाता है। इससे एक तरफ जहां शिकायतों का ग्राफ बढ़ा हुआ है वही मानवता शून्य होती चली जा रही है। ग्रामीणों ने बताया कि जब पंचायत भवन बना था। तब यह प्रतीत हुआ था कि ग्राम सभा अध्यक्ष वह गणमान्यजन की बैठक से ग्राम सभा का विकास होगा, ¨कतु ऐसा कुछ नहीं हुआ। बल्कि कुछ दिनों बाद ही पुलिस विभाग द्वारा इस पर कब्जा कर लिया गया तथा तभी से इसको पुलिस चौकी के रूप में उपयोग किया जाने लगा। पुलिस विभाग होने के नाते आम लोगों ने कभी भी विरोध नहीं किया। इसका खामियाजा यह रहा कि आज तक पंचायत भवन पुलिस चौकी बना हुआ है। ऐसे में स्थानीय ग्रामीणों की मांग है कि जल्द से जल्द पंचायत भवन को पुलिस के कब्जे से मुक्त कराया जाए।

Posted By: Jagran