महराजगंज: कोरोना से बचाव के वैक्सीन को लेकर कुछ लोगों में कई तरह की अफवाहें फैलाई जा रही है। लोगों को किसी के बहकावे में आने की आवश्यकता नहीं है। वैज्ञानिकों व सरकार ने कोरोना वैक्सीन की जांच पड़ताल के बाद ही वैक्सीनेशन का कार्य शुरू किया है। अब तक जिन लोगों को वैक्सीन लगा है, वो पूरी तरह से स्वस्थ है।

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कोरोना से बचाव का टीका लगवाने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। यह लोगों की भलाई के लिए ही है। मैं टीका लगवा चुका हूं और पूरी तरह से स्वस्थ हूं। सभी लोगों को टीका लगवाना चाहिए। अपने क्षेत्र के लोगों को वैक्सीन लगवाने के लिए जागरूक कर रहा हूं, टीका लगने के बाद व्यक्ति पूरी तरह से सुरक्षित हो जाता है। कोरोना का संक्रमण होने के बाद भी व्यक्ति खतरे के बाहर रहता है।

राजेश पांडेय, फार्मासिस्ट, सीएचसी बृजमनगंज

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कोरोना से बचाव के लिए लगाए जाने वाला टीका बिल्कुल सुरक्षित है। टीका लगवाने से पहले मैं भी ऊहापोह में था। टीके को लेकर अफवाहों के चक्कर में न पड़ें। अपने और स्वजन की सुरक्षा के लिए कोरोना टीका जरूर लगवाएं। कोरोना से जीवन को सुरक्षित करने के लिए टीका से बेहतर कोई उपाय नहीं है।

विष्णु जायसवाल, बृजमनगंज

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हौसला और सकारात्मक सोच से कोरोना को हराया

नौतनवा: कोरोना वायरस से डरने की नहीं, बल्कि सावधानी और सतर्कता से लड़ने की जरूरत है। हौसला और सकारात्मक सोच से कोरोना का हराया जा सकता है।

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15 अप्रैल को मैं कोरोना की चपेट में आ गया, फिर चिकित्सकों की सलाह पर कोरोना किट की दवाओं का सेवन किया। घर के एक कमरे में आइसोलेट हो गए, प्रोटोकाल का पालन करते हुए गर्म पानी, भाप, काढ़ा का सेवन किया और व्यायाम भी करता रहा। इस बीच फोन पर मित्रों व रिश्तेदारों ने हिम्मत दिलाई। 15 दिन बाद जांच कराने पर रिपोर्ट निगेटिव आई तो बहुत राहत मिली। साहस और आत्मविश्वास के बल पर कोरोना को हराया जा सकता है।

झिनकू चौबे, लक्ष्मीपुर

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28 प्रैल को कोविड पाजिटिव हो गया, लेकिन घबराया नहीं, संयम बरता। कोविड प्रोटोकाल का पालन किया और खुद को आइसोलेट कर लिया, दवा लेता रहा। अधिकतर समय किताबों को पढ़नें में गुजारा। गर्म पानी, भांप और समय-समय पर दवा लेता रहा। जब धीरे-धीरे आराम मिलने लगा तो जांच कराया, 21 मई को रिपोर्ट निगेटिव आई है। अब पूरी तरह से स्वस्थ हूं।

सोनू गुप्ता, प्रबंधक एसबीआइ, लक्ष्मीपुर