नेपाल सीमा पर पकड़ा गया ब्रिटिश नागरिक जेल में हुआ हिंसक, बंदीरक्षक पर किया जानलेवा हमला
ब्रिटिश नागरिक जार्डन ब्राउन ने गोरखपुर जिला कारागार में एक बंदीरक्षक का गला दबाकर मारने की कोशिश की, जिससे जेल ...और पढ़ें

ब्रिटेन निवासी जार्डन जोसेफ पीटर फिट्जपैट्रिक उर्फ जार्डन ब्राउन। जागरण
HighLights
ब्रिटिश नागरिक जार्डन ब्राउन ने जेल में बंदीरक्षक पर हमला किया।
यह घटना गोरखपुर जिला कारागार में हुई, मचा हड़कंप।
जार्डन पहले भी महराजगंज जेल से भागने की कोशिश कर चुका।
जागरण संवाददाता, महराजगंज। अवैध रूप से नेपाल जाने के दौरान 11 जुलाई को सोनौली सीमा के समीप पकड़े गए ब्रिटेन निवासी जार्डन जोसेफ पीटर फिट्जपैट्रिक उर्फ जार्डन ब्राउन ने गोरखपुर जिला कारागार में एक बंदीरक्षक का गला दबाकर मारने की कोशिश की। इस घटना से जेल में अफरा- तफरी मच गई।
आनन- फानन जेल कर्मियों ने उसे काबू में कर बंदी रक्षक की जान बचाई। मामले की गंभीरता को देखते हुए बुधवार को गोरखपुर के जेल अधीक्षक ने सीजेएम को प्रार्थनापत्र भेजकर घटनाक्रम से अवगत कराया है। इसके पहले जार्डन ब्राउन ने महराजगंज जिला कारागार से भी भागने की कोशिश की थी। जिसके बाद प्रशासनिक आधार पर उसे 29 जुलाई को गोरखपुर जिला कारागार स्थानांतरित कर दिया गया था।
बुधवार को महराजगंज में अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश अनन्य न्यायालय एससी-एसटी कोर्ट आबिद समीम की अदालत में वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई हुई। इस दौरान नेटवर्क की समस्या और आरोपपत्र दाखिल नहीं होने के कारण अगली सुनवाई के लिए 26 अगस्त की तिथि निर्धारित की गई है। सीमा पर पकड़े जाने के बाद से ही जार्डन ब्राउन लगातार बयान बदल कर सुरक्षा एजेंसियों को छका रहा है।
पहले उसने अमेरिका के कैलिफोर्निया का निवासी व नेवी सील्स बताया था। बाद में उसने ब्रिटेन के न्यूनिटन शहर का निवासी बताया। इस मामले में विवेचक ने दिल्ली स्थित अमेरिका व ब्रिटेन के दूतावास से इसके बारे में जानकारी मांगी थी,लेकिन वहां से कोई जवाब नहीं मिला है।
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जार्डन के अधिवक्ता एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के लीगल एड डिफेंस काउंसिल के डिप्टी चीफ आशुतोष पांडेय ने बताया कि आरोपपत्र अभी तक दाखिल नहीं हुआ है। गोरखपुर जिला कारागार के डिप्टी जेलर विजय कुमार ने बताया कि जार्डन ने बंदी रक्षक को मारने की कोशिश की थी। प्रकरण की गंभीरता काे देखते हुए न्यायालय को अवगत कराया गया है।
