महराजगंज: राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत गठित की गई समूह की महिलाओं को रोजगार के लिए ऋण नहीं मिल पा रहा है। विभाग ने आनलाइन फाइल बैंकों को भेज दी है, लेकिन बैंकों से समूहों को ऋण स्वीकृत करने में हीलाहवाली की जा रही है। स्थिति यह है कि अभी भी 717 फाइलें बैंकों में धूलफांक रही हैं।

केस एक- जय मां अंबे स्वयं सहायता समूह सतभरिया की अध्यक्ष चांदनी देवी ने बताया कि एक साल पहले एसबीआइ बैंक में फाइल गई थी, लेकिन स्वीकृत नहीं हुई। दोबारा विभाग ने अप्रैल 2021 में फाइल भेजी है, अभी स्वीकृति का इंतजार है। केस दो- सरस्वती स्वयं सहायता समूह महुआरी, बृजमनगंज की अध्यक्ष रिकू ने बताया कि दो माह से फाइल स्वीकृति के लिए पड़ी है, लेकिन अभी तक धनराशि नहीं मिली है। इसकी जानकारी के लिए विभाग से लेकर बैंक तक दौड़ना पड़ रहा है। केस तीन- जय मां दुर्गा स्वयं सहायता समूह, बांसपार बैजौली की अध्यक्ष कुंती देवी ने बताया कि पिछले वर्ष यूनियन बैंक नटवा में फाइल विभाग से गई थी, लेकिन स्वीकृत न होने पर फिर दोबारा आवेदन किया गया है। ऋण कब स्वीकृत होगा, इसकी जानकारी नहीं मिल पा रही है। यह तो बानगी है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत जनपद के कुल 13 बैंकों में अप्रैल से अब तक 783 फाइलें ऋण स्वीकृत करने के लिए आनलाइन भेजी गई, लेकिन 66 फाइलों की 104.35 लाख रुपये की ऋण स्वीकृत हो सकी है।अभी भी 717 फाइल लंबित हैं।

----------

स्वयं सहायता समूहों को आत्मनिर्भर बनाने की पहल की जा रही है। बैंकों द्वारा कुछ फाइलें स्वीकृत की गई हैं। बैंक अधिकारियों से वार्ता कर लंबित फाइलों को शीघ्र स्वीकृत करने के निर्देश दिए गए हैं।

गौरव सिंह सोगरवाल, मुख्य विकास अधिकारी

शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप