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यूपी ने गन्ना किसानों को 3.22 लाख करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान कर रचा इतिहास, उत्पादन के क्षेत्र में भी लगाई छलांग

Published: Wed, 27 May 2026 11:59 PM (IST)

योगी सरकार ने 2017 से अब तक गन्ना किसानों को 3.22 लाख करोड़ रुपये से अधिक का रिकॉर्ड भुगतान किया ...और पढ़ें

यूपी ने गन्ना किसानों को किया 3.22 लाख करोड़ रुपये से अधिक का ऐतिहासिक भुगतान।

यूपी ने गन्ना किसानों को किया 3.22 लाख करोड़ रुपये से अधिक का ऐतिहासिक भुगतान।

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डिजिटल डेस्क, लखनऊ। योगी सरकार गन्ना किसानों के लिए मसीहा साबित हुई है। किसानों से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर किसानों को नियमित व समयबद्ध गन्ना मूल्य भुगतान कराया जा रहा है। योगी सरकार की नीतियों, पारदर्शी व तकनीक आधारित व्यवस्था ने गन्ना किसानों को वर्ष 2017 से अब तक कुल 3,22,722 करोड़ का रिकॉर्ड गन्ना मूल्य भुगतान कर इतिहास रचा है।

भुगतान की धनराशि सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जा रही है, जिससे बिचौलियों की भूमिका भी समाप्त हो गई। गन्ना एवं चीनी उद्योग अब प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बन चुका है।

योगी सरकार किसानों की समृद्धि, युवाओं के रोजगार एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। औसत चीनी परता में भी उत्तर प्रदेश ने लंबी छलांग लगाते हुए अन्य राज्यों को पीछे छोड़ दिया है।

9 साल में योगी सरकार ने रिकॉर्ड 3,22,722 करोड़ रुपये का किया भुगतान

गन्ना किसानों को समय से भुगतान करने में योगी सरकार की नीति पूर्ववर्ती सरकारों पर भारी पड़ी। 9 साल में योगी सरकार ने रिकॉर्ड 3,22,722 करोड़ रुपये का भुगतान किया। योगी सरकार के निर्देश पर गन्ना किसानों को निरंतर भुगतान किया जा रहा है।

पेराई सत्र 2025-26 में गन्ना किसानों को 30831.81 करोड़ रुपये का भुगतान हो चुका है, यानी लगभग 90 प्रतिशत किसानों को भुगतान किया जा चुका है। कुछ चीनी मिलों का भुगतान शेष है, जिन्हें भी जल्द भुगतान का निर्देश दिया गया है।

योगी सरकार की पहल ‘स्मार्ट गन्ना किसान’ प्रणाली के माध्यम से गन्ना क्षेत्रफल, सट्टा, कैलेंडरिंग और पर्ची जारी करने की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन कर दी गई है। अब किसानों को उनकी गन्ना पर्ची सीधे मोबाइल पर प्राप्त होती है और भुगतान डीबीटी के माध्यम से उनके बैंक खातों में पहुंचता है।

औसत चीनी परता में महाराष्ट्र व कर्नाटक से भी आगे निकला यूपी

पेराई सत्र 2025-26 की बात करें तो उत्तर प्रदेश में कुल 121 चीनी मिलें संचालित हैं। इनमें उप्र राज्य चीनी निगम की 3, उप्र सहकारी चीनी मिल्स संघ की 23 व निजी क्षेत्र की 95 चीनी मिलें संचालित की जा रही हैं। इनके द्वारा 877.96 लाख टन गन्ने की पेराई कर 89.68 लाख टन चीनी का उत्पादन किया गया। उत्तर प्रदेश में 121, महाराष्ट्र में 210 चीनी मिलें संचालित हैं।

इसके बावजूद उत्तर प्रदेश का औसत चीनी परता (एवरेज शुगर रिकवरी) 10.21 प्रतिशत है। उत्तर प्रदेश ने इस मामले में भी अन्य राज्यों को काफी पीछे छोड़ दिया। महाराष्ट्र का चीनी परता 9.49 प्रतिशत, कर्नाटक का 8.19 प्रतिशत है।

48 लाख गन्ना किसान परिवारों को दी आर्थिक मजबूती

योगी सरकार ने पेराई सत्र 2025-26 में गन्ना मूल्य की दरों में ऐतिहासिक कदम उठाते हुए 30 रुपये प्रति कुंतल की वृद्धि भी की। अगेती प्रजातियों के लिए 400 रुपये व सामान्य प्रजातियों के लिए 390 रुपये प्रति कुंतल की दर निर्धारित की गई। इस बढ़ोत्तरी से गन्ना किसानों को लगभग 3000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त गन्ना मूल्य भुगतान प्राप्त हुआ है।

योगी सरकार के कार्यकाल में चौथी बार गन्ना मूल्य में बढ़ोतरी की गई। समय से भुगतान होने से प्रदेश के 48 लाख गन्ना किसान परिवारों को आर्थिक मजबूती मिली है। प्रदेश की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर तक ले जाने में गन्ना विकास विभाग का भी महत्वपूर्ण योगदान है।

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