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योगी कैबिनेट की बैठक में बड़ा फैसला, 1394 करोड़ की लागत से पूरी होंगी यूपी के इन नौ जिलों की यह योजनाएं

UP Cabinet Meeting जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने बताया कि बुंदेलखंड व विंध्य क्षेत्र में जल जीवन मिशन के तहत 49 परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई थी जिसमें से 31 परियोजनाएं 200 करोड़ रुपये से अधिक की थीं। ये सभी परियोजनाएं पूर्ण होने की कगार पर हैं। उन्होंने बताया कि 31 में से पांच परियोजनाओं की पुनरीक्षित लागत पूर्व में ही स्वीकृत हो चुकी हैं।

By Anand Mishra Edited By: Abhishek Pandey Published: Tue, 11 Jun 2024 04:22 PM (IST)Updated: Tue, 11 Jun 2024 04:22 PM (IST)
दो माह में पूरी होंगी बुंदेलखंड और विंध्य की 26 पेयजल योजनाएं

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। बुंदेलखंड और विंध्य के गांवों में घर-घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने की मुहिम को आगे बढ़ाते हुए सरकार ने इस क्षेत्र की 26 ग्रामीण पेजयल आपूर्ति योजनाओं को दो माह में पूरा करने की मियाद तय की है। इस लक्ष्य को समय से हासिल करने और योजनाओं को अंतिम रूप दे रही एजेंसियों को बढ़ी हुई लागत के तहत भुगतान करने के लिए कैबिनेट में मंगलवार को 1394 करोड़ रुपये की पुनरीक्षित लागत को स्वीकृति प्रदान की है।

जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने बताया कि बुंदेलखंड व विंध्य क्षेत्र में जल जीवन मिशन के तहत 49 परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई थी, जिसमें से 31 परियोजनाएं 200 करोड़ रुपये से अधिक की थीं। ये सभी परियोजनाएं पूर्ण होने की कगार पर हैं।

उन्होंने बताया कि 31 में से पांच परियोजनाओं की पुनरीक्षित लागत पूर्व में ही स्वीकृत हो चुकी हैं। शेष 26 की स्वीकृति कैबिनेट की बैठक में दी गई है।

यह 26 परियोजनाएं झांसी, जालौन, हमीरपुर, महोबा चित्रकूट, ललितपुर, मीरजापुर और सोनभद्र जिले की हैं। इन परियोजनाओं की कुल स्वीकृत लागत 10,185 करोड़ रुपये थी, जो बढ़कर 11580 करोड़ रुपये हो गई है। योजनाओं की लागत में 1394 करोड़ की वृद्धि हुई है। इसमें करीब 600 करोड़ रुपये की वृद्धि पाइप लाइन के विस्तार के कारण हुई है।

गांवों के विस्तार के कारण पाइप लाइन को बढ़ाना पड़ रहा है। जीएसटी दर 12 प्रतिशत से बढ़कर 18 प्रतिशत होने के कारण परियोजना लागत में करीब 500-600 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है, शेष राशि संबंधित विभागों से एनओसी लेने में व्यय हो रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुनरीक्षित लागत की स्वीकृति के बाद सभी 26 परियोजनाओं को दो माह में पूर्ण कर लिया जाएगा।

ये परियोजना होंगी पूरी

- झांसी : इमलौटा ग्राम समूह पाइप पेयजल योजना, गुलारा, बचौली एवं तिलहट ग्राम समूह पाइप पेयजल योजना, कुरैचा ग्राम समूह पाइप पेयजल योजना और टेहरका-बरथरी ग्राम समूह पाइप योजना।

- महोबा : लहचुरा काशीपुरा ग्राम समूह पाइप पेयजल योजना, धवर्रा-सिजवाहा ग्राम समूह पाइप पेयजल योजना, सलैया-नाथूपुरा ग्राम समूह पाइप पेयजल योजना और शिवहर ग्राम समूह पाइप पेयजल योजना।

- हमीरपुर : पत्योरा डांडा ग्राम समूह पाइप पेयजल योजना।

- चित्रकूट : रायपुरा ग्राम समूह पाइप पेयजल योजना, चांदीबांगर, सिलौटा, मुस्तकिल एवं भरतौल ग्राम समूह पाइप पेयजल योजना।

- सोनभद्र : बेलाही ग्राम समूह पाइप पेयजल योजना, हर्रा कदरा ग्राम समूह पाइप पेयजल योजना, नगवा-तेंदुवाही ग्राम समूह पाइप पेयजल योजना, परासी-बेलवाहद ग्राम समूह पाइप पेयजल योजना, पटवध ग्राम समूह पाइप पेयजल योजना और झीलो-बीजपुर ग्राम समूह पाइप पेयजल योजना।

- ललितपुर : कचनौदा कलां ग्राम समूह पाइप पेयजल योजना, जखलौन-बिरधा, कडेसरा, कला, धवर्रा बालाबेहट एवं मऊ ग्राम समूह पाइप पेयजल योजना, सैदपुर कुम्हेरी-गोना नरहट ग्राम समूह पाइप पेयजल योजना।

- बांदा : खटान ग्राम समूह पाइप पेयजल योजना।

- जालौन : सला ग्राम समूह पाइप पेयजल योजना, मधेपुरा, रायपुरा एवं कोटा मुस्तकिल ग्राम समूह पाइप पेयजल योजना।

- मीरजापुर : लेढुकी ग्राम समूह पाइप पेजयल योजना और महादेव ग्राम समूह पाइप पेयजल योजना।

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