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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 25, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Yogi 2.0 Cabinet: योगी आदित्यनाथ के लिए 25 मार्च की तारीख काफी अहम, अयोध्या में रामलला को टेंट से मानस मंदिर में किया था विराजमान

By Dharmendra PandeyEdited By:
Published: Fri, 25 Mar 2022 03:27 PM (IST)Updated: Fri, 25 Mar 2022 03:28 PM (IST)

Yogi Adityanath Oath Ceremony Latest News Updates उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने भगवान श्री रामलला को टेंट से ...और पढ़ें

Yogi Adityanath Oath Ceremony Latest News Updates:
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लखनऊ, जेएनएन। उत्तर प्रदेश में दूसरी बार मुख्यमंत्री का पद संभालने जा रहे योगी आदित्यनाथ के लिए 25 मार्च की तारीख काफी अहम है। वह इसी तारीख को दूसरी बार प्रदेश सीएम पद की शपथ ले रहे हैं। इसी तारीख को चार वर्ष पहले उन्होंने रामलला को रामलला को टेंट से निकालकर मानस मंदिर में विराजमान किया था। अब संयोग देखिए कि उसी तारीख पर योगी आदित्यनाथ दोबारा प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज प्रदेश सरकार की लगातार दूसरी बार कमान संभालने जा रहे हैं। 25 मार्च 2020 को ही उन्होंने राम नगरी अयोध्या में श्रीराम लला को टेंट से अस्थाई मंदिर से निकालकर मानस मंदिर में स्थापित करने के साथ ही 11 लाख रुपया का चेक भी सौंपा था। उस समय तक अयोध्या में श्री रामजन्म भूमि पर भव्य राम मंदिर निर्माण की कोई तारीख भी तय नहीं की गई थी। इस दौरान उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने भगवान श्री रामलला को टेंट से लेकर अस्थाई मंदिर में विराजमान करा दिया। जिससे कि वहां के भक्तों में खुशी का माहौल बन गया था। अयोध्या में अब भव्य राम मंदिर बन जाने तक रामलला यहीं रहेंगे।

रामलला के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने खुशी के आंसू बहाते हुए कहा कि भगवान रामलला को 27 वर्ष तीन महीने और 20 दिन बाद 25 मार्च 2020 को अस्थाई मंदिर में प्रतिस्थापित कर दिया गया है। सीएम योगी की मौजूदगी में यह सब काम संपन्न कराया गया है। यहां पर वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ उन्हें प्रतिस्थापित किया गया। इसके अगले दिन बाद बाद सुबह पांच बजे आरती की गई। उस आरती में भाग लेने के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ गोरखुपर के लिए रवाना हो गए। सीएम योगी आदित्यनाथ ने रामलला को 11 लाख रुपये का चेक सौंपा था। जिसको बाद में रामजन्म भूमि तीर्थ ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय को दिया गया।