लखनऊ, राज्य ब्यूरो। उत्‍तर प्रदेश की योगी आद‍ित्‍यनाथ सरकार अपने दूसरे कार्यकाल में पर्यावरण संरक्षण पर भी बेहद फोकस कर रही है। इसी क्रम में पांच जुलाई को आयोजित वन महोत्सव के अवसर पर 35 करोड़ पौधारोपण अभियान की शुरुआत होगी। इस दिन प्रदेश में एक साथ 25 करोड़ पौधे लगाए जाएंगे। छह व सात जुलाई को ढाई-ढाई करोड़ पौधे रोपने का लक्ष्य रखा गया है। आजादी का अमृत महोत्सव के मौके पर 15 अगस्त के दिन अमृत वनों की स्थापना करते हुए पांच करोड़ पौधे लगाए जाएंगे। इसके तहत प्रत्येक ग्राम सभा में 75-75 पौधे लगेंगे।

मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने पौधारोपण अभियान की समीक्षा करते हुए कहा कि इसमें ज्यादा से ज्यादा लोगों को जोड़कर इसे जन आंदोलन बनाना है। वृहद कार्ययोजना बनाकर गांव से लेकर शहर तक हर एक जनप्रतिनिधि को इस अभियान से जोड़ा जाए। सबके सहयोग से यह अभियान सफल होगा और रोपित पौधे भी नष्ट होने से बचाए जा सकेंगे।

मुख्य सचिव ने कहा कि पौधशालाओं से पौधों की प्राप्ति से लेकर उनकी ढुलाई, पौधारोपण स्थलों का चुनाव, पौधों की सुरक्षा और निगरानी वाले लोगों की जिम्मेदारी पहले से तय की जाए। जिला पौधारोपण समिति की बैठक प्रतिदिन आयोजित की जाए। रोटरी क्लब, पीआरडी, होमगार्ड, युवक मंगल दल, एनजीओ, एनसीसी, एनएसएस, महिला समूहों व अन्य स्वयं सेवी संस्थाओं आदि के साथ बैठक कर उनके लिए लक्ष्य व जिम्मेदारी निर्धारित कर दी जाए।

75 जिलों में 75 विशेष सचिव बने नोडल अधिकारी: मुख्य सचिव ने पांच जुलाई को वन महोत्सव के लिए 75 जिलों में 75 विशेष सचिवों को नोडल अधिकारी बना दिया है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से चुनाव होते हैं ठीक उसी प्रकार से 75 जिलों में 75 नोडल अधिकारी पौधारोपण अभियान को सफलतापूर्वक संपन्न कराएंगे। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी रविवार तीन जुलाई को जिलों में पहुंच कर तैयारियों की समीक्षा कर लें। पिछले वर्ष अभियान में जो भी कमियां रह गईं थीं उन्हें दूर कर लिया जाए। स्थलों का चयन इस प्रकार से किया जाए ताकि पौधे जीवित रहने की संभावना सर्वाधिक हो।

वन मुख्यालय में बनेगा वार रूम: वन मुख्यालय में पौधारोपण अभियान की निगरानी के लिए एक वार रूम स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्य सचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पीएम किसान सम्मान निधि के लाभार्थियों से अपने खेतों में पौधारोपण करने का आह्वान किया। इसके अलावा सरकारी, गैर सरकारी संस्थानों, सड़कों, राजमार्गों के किनारे भी बड़े पैमाने पर छायादार और फलदार पौधे लगाए जाएं।

Edited By: Prabhapunj Mishra