लखनऊ, राज्य ब्यूरो। Prison Education योगी आदित्यनाथ सरकार बच्चों की शिक्षा (Education) के साथ जेल में बंद कैदियों की शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के साथ उनके कौशल विकास पर जोर दे रही है। योगी आदित्यनाथ सरकार के नए जेल मैनुअल (New Jail Manual) से बंदियों के जीवन में कई बदलाव आएंगे।

बंदियों के जीवन में बदलाव लाएगा यूपी सरकार का नया जेल मैनुअल

  • अंग्रेजों के जमाने के जेल मैनुअल के कई काले अध्यायों को समाप्त करने के साथ ही योगी सरकार ने नए जेल मैनुअल में बंदियों के जीवन में शिक्षा के उजियारे को बढ़ाने के साथ ही उनके कौशल विकास को भी प्राथमिकता दी है।
  • इसके लिए निजी संस्थाओं का भी सहयोग लिया जाएगा। जेल मैनुअल-2022 में बंदियों की पढ़ाई की व्यवस्था के साथ-साथ उनके कौशल विकास को लेकर प्रस्ताव शामिल हैं, जिसके तहत डीजी, कारागार यह सुनिश्चित करेंगे कि बंदियों के लिए शैक्षिक कार्यक्रम विकसित किए जाएं।
  • राज्य के विभाग, गैर सरकारी संगठन (एनजीओ), कारपोरेट घराने, व्यवसायी अथवा कोई अन्य मान्यता प्राप्त संस्था बंदियों के स्वास्थ्य व शिक्षा से जुड़े कार्यक्रमों में शामिल हो सकेंगी।
  • बंदियों के शिक्षा कार्यक्रम को राज्य की शिक्षा प्रणाली के साथ एकीकृत करने का प्रयास होगा, जिससे संबंधित बंदी रिहाई के बाद बिना किसी परेशानी के अपनी शिक्षा जारी रख सकें।
  • इसके लिए जेल में नियुक्त अध्यापक जिम्मेदार होंगे। डीजी जेल के स्तर से कारागारों में उद्योग और बंदियों की सहकारी समितियों की स्थापना कराई जाएगी।

कारागार मुख्यालय पर डीजी जेल की अध्यक्षता में कौशल विकास कार्यक्रम व व्यावसायिक प्रशिक्षण समिति का गठन किया जाएगा। ध्यान रहे, कैबिनेट बैठक ने 81 वर्ष पुराने वर्तमान जेल मैनुअल में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए उप्र जेल मैनुअल, 2022 को लागू करने का निर्णय हुआ है।

Edited By: Prabhapunj Mishra