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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 25, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

UP Govt 2022: रायबरेली में दिनेश प्रताप सिंह का बढ़ा राजनीतिक वैभव, योगी आदित्यनाथ सरकार में बने मंत्री

By Vikas MishraEdited By:
Published: Fri, 25 Mar 2022 05:00 PM (IST)Updated: Fri, 25 Mar 2022 05:27 PM (IST)

Yogi Adityanath Cabinet 2.0 Dinesh Pratap Singh Latest News रायबरेली के कद्दावर नेता दिनेश प्रताप सिंह का राजनीतिक कद बढ़ ...और पढ़ें

भाजपा ने दिनेश प्रताप सिंह को मंत्री बनाया है।
भाजपा ने दिनेश प्रताप सिंह को मंत्री बनाया है।

रायबरेली, [दिलीप सिंह]। भाजपा ने एमएलसी दिनेश प्रताप सिंह को आम चुनाव 2019 में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के खिलाफ मजबूती से लड़ने का इनाम तीन साल बाद ही सही पर मंत्री बनाकर दे दिया है। इसी के साथ रायबरेली की राजनीति में पंचवटी का वैभव भी बढ़ गया है। 2024 में होने वाले आम चुनाव की तस्वीर भी काफी कुछ साफ हो गई है। भाजपा एक बार फिर सोनिया गांधी के गढ़ में इसी परिवार को आगे कर रायबरेली के चुनावी दंगल में उतरेगी। 

अनजान से गांव गुनावर कमंगलपुर से निकला एक परिवार, जिसे पंचवटी के नाम से जाना व पहचाना जाता है। पिछले एक दशक से यही परिवार रायबरेली की राजनीति के केंद्र में हैं। छोटे से छोटे व बड़े से बड़े राजनीतिक पद पर इसी परिवार का कब्जा है। एक ही घर की छत के नीचे विधायक, एमएलसी, ब्लाक प्रमुख व जिला पंचायत अध्यक्ष सभी यहां रहे। पंचवटी नाम का यह आवास एमएलसी व 2019 में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के मुकाबले चुनावी रणभूमि में उतरे दिनेश सिंह का है। 2022 के चुनाव में हरचंदपुर सीट से भाई व विधायक राकेश सिंह की हार के बाद विरोधियों को लगा कि राजनीति में पंचवटी का प्रभाव अब घट जाएगा पर ऐसा हुआ नहीं। पहले भाजपा से एमएलसी का टिकट व अब योगी 2.0 सरकार में स्वतंत्र प्रभार का मंत्री पद हासिल कर दिनेश प्रताप सिंह ने यह साबित कर दिया कि पंचवटी का प्रभाव न कम था न ही आगे कम होगा। 

दिनेश प्रताप सिंह का प्रोफाइल

  • शिक्षा :                            स्नातक
  • उम्र :                              54 साल
  • लंबित आपराधिक मामले :  05
  • चल संपत्ति-                      1,11,59,257.48
  • अचल संपत्ति-                   1,90,00,000
  • व्यवसाय :                         व्यापार/कृषि

एमएलसी बनने के लिए तीसरी बार मैदान मेंः दिनेश प्रताप सिंह पहली बार कांग्रेस के टिकट 2010 में व दूसरी बार 2016 में एमएलसी बने। 2018 में दिनेश प्रताप सिंह ने कांग्रेस छोड़ भाजपा का दामन थाम लिया और 2019 में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के मुकाबले लोक सभा का चुनाव लड़ा। 2022 में भाजपा ने रायबरेली से एमएलसी का उम्मीदवार बनाया है। दिनेश ने बीते 21 मार्च को नामांकन किया है।

इन्हें भी मिला था मंत्री बनने का मौकाः ऊंचाहार से हैट्रिक लगाने वाले सपा विधायक डा. मनोज कुमार पांडेय 2012 की अखिलेश सरकार में कैबिनेट मंत्री थे। कांग्रेस के टिकट पर दूसरी बार 1980 में जीती सुनीता सिंह चौहान को शिक्षा मंत्री बनाया गया था। वहीं कल्याण सिंह सरकार में 1992 में सरेनी से जीते गिरीश नारायण पांडेय को विधि एवं न्याय मंत्री बनाया गया था। सलोन से जीते दिवंगत भाजपा विधायक दल बहादुर कोरी व कांग्रेस विधायक शिव बालक पासी भी मंत्री बने थे। सतांव से जीते सुरेंद्र विक्रम सिंह उर्फ पंजाबी सिंह व शिव गणेश लोधी को भी मंत्री बनने का मौका मिला था। डलमऊ से जीते स्वामी प्रसाद मौर्य भी मायावती सरकार में मंत्री बने थे।