योगी आदित्यनाथ का बड़ा एलान: यूपी पुलिस को मिलेंगे बढ़े हुए भत्ते; PPS अधिकारियों को 15000 वर्दी भत्ता
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस स्मृति दिवस पर पुलिसकर्मियों के लिए मोटरसाइकिल, वर्दी और सिम भत्तों में वृद्धि की घोषणा की।

लखनऊ में बुधवार को रिजर्व पुलिस लाइन में आयोजित पुलिस स्मृति दिवस को संबोधित करते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। सूचना विभाग
HighLights
पुलिस स्मृति दिवस पर योगी ने भत्तों में वृद्धि की घोषणा की।
मोटरसाइकिल, वर्दी, सिम भत्ते बढ़ाए, पुलिस कल्याण पर जोर।
पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना, यूपी में कानून-व्यवस्था सुधरी।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने पर पुलिस अधिकारियों पर ही कार्रवाई हो जाती थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2012 से 2017 के बीच सपा की सरकार में प्रदेश में 815 दंगे हुए थे।
बुधवार को पुलिस स्मृति दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 के बाद पुलिस के हाथों से राजनीतिक बेड़ियां तोड़ी गईं। अपराधियों, माफिया और दंगाइयों के खिलाफ जीरो टालरेंस की नीति अपनाई गई।
उन्होंने मथुरा के जवाहर बाग की घटना का उल्लेख किया। कहा कि वहां पुलिस अधीक्षक मुकुल द्विवेदी और थानाध्यक्ष संतोष यादव को अपने प्राण गंवाने पड़े। योगी ने आरोप लगाया कि उस दौर में पुलिस को अपराधियों पर कार्रवाई करने के बजाय सत्ता से जुड़े लोगों के निजी कामों में उलझाया जाता था।
मुख्यमंत्री योगी ने की तीन भत्तों की घोषणा
पुलिसकर्मियों के कल्याण के लिए मुख्यमंत्री ने तीन घोषणाएं भी कीं। फील्ड ड्यूटी में तैनात उपनिरीक्षकों और निरीक्षकों का मोटरसाइकिल भत्ता 700 रुपये से बढ़ाकर 1,000 रुपये प्रतिमाह किया जाएगा। पीपीएस अधिकारियों का वर्दी भत्ता 6,400 रुपये से बढ़ाकर 15,000 रुपये होगा। फील्ड ड्यूटी में तैनात आरक्षियों और मुख्य आरक्षियों का सिम भत्ता 2,000 रुपये से बढ़ाकर 2,500 रुपये प्रतिमाह किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने पुलिस शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर बलिदानी पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने बताया कि पिछले एक वर्ष में देशभर में 154 पुलिसकर्मी कर्तव्यपालन के दौरान बलिदान हुए। इनमें उत्तर प्रदेश के छह जवान शामिल हैं। शहीदों के आश्रितों को अब तक 425 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता दी जा चुकी है।
सत्ता के गलियारों से आते फोन
मुख्यमंत्री ने कहा पहले कि सरकारों में जब थानेदार या एसपी किसी अपराधी के खिलाफ कदम उठाता था तो सत्ता के गलियारों से फोन आने लगते थे। कुछ ही घंटों में अपराधी के बजाय अधिकारी पर कार्रवाई हो जाती थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाने वाले लोग माफिया और आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई होने पर उनके समर्थन में खड़े दिखाई देते हैं, लेकिन जब कोई पुलिसकर्मी शहीद होता है, तब उसके बच्चों और परिवार का दर्द नहीं दिखाई देता। उन्होंने कहा कि पुलिस की जिम्मेदारी केवल अपराध नियंत्रण तक सीमित नहीं है। नागरिकों की सुरक्षा, महिलाओं का सम्मान और व्यापारियों को भयमुक्त माहौल देना भी उसकी प्राथमिकता है।
प्रदेश की कानून-व्यवस्था में व्यापक बदलाव
योगी ने दावा किया कि वर्ष 2017 के बाद प्रदेश की कानून-व्यवस्था में व्यापक बदलाव आया है। एक भी दंगा नहीं हुआ। माफिया तत्वों की 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक की अवैध संपत्ति जब्त की गई है। कब्जे से मुक्त कराई गई जमीन पर गरीबों के लिए आवास बनाए जा रहे हैं।
प्रयागराज में ऐसे ही 602 फ्लैटों के निर्माण के लिए भूमि पूजन किया गया है। मुख्यमंत्री ने पुलिस भर्ती और प्रशिक्षण क्षमता में बढ़ोतरी का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 2.26 लाख से अधिक पुलिसकर्मियों की भर्ती की गई है। वहीं, 35 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछले एक वर्ष में देशभर में 154 पुलिसकर्मियों ने कर्तव्यपालन के दौरान बलिदान दिया। इनमें उत्तर प्रदेश के छह जवान शामिल हैं। उन्होंने उपनिरीक्षक सत्यभान सिंह, उपनिरीक्षक मोहित कुमार यादव, आरक्षी अशोक कुमार, आरक्षी प्रदीप कुमार, फायर सर्विस चालक वीरपाल सिंह और फायरमैन मोहित कुमार को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि राष्ट्र उनके बलिदान का सदैव ऋणी रहेगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने शहीद पुलिसकर्मियों के स्वजन को सम्मानित किया।
