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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 20, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सीएम योगी का राहुल गांधी पर हमला, बोले- वो तो मंदिर में भी नमाज की मुद्रा में बैठते हैं

By Ashish MishraEdited By:
Published: Mon, 20 Nov 2017 07:52 PM (IST)Updated: Tue, 21 Nov 2017 08:22 AM (IST)

मुख्यमंत्री ने कहा कि फिल्म पद्मावती अगर रिलीज भी हो गई तो वह प्रदेश के हित में फैसला लेंगे। हमारे लिए कानून-व्यवस्था सर्वोपरि है।

सीएम योगी का राहुल गांधी पर हमला, बोले- वो तो मंदिर में भी नमाज की मुद्रा में बैठते हैं
सीएम योगी का राहुल गांधी पर हमला, बोले- वो तो मंदिर में भी नमाज की मुद्रा में बैठते हैं

लखनऊ (जेएनएन)। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर राहुल गांधी की ताजपोशी की सुनगुन के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को उन पर करारा हमला बोला। राजधानी में आयोजित एक कार्यक्रम में योगी ने कहा कि राहुल इन दिनों मंदिरों में भटक रहे हैं। उनको यह तक पता नहीं कि मंदिर में कैसे बैठा जाता है। काशी विश्वनाथ मंदिर में जब वह नमाज की मुद्रा में बैठे तो एक पुजारी ने उन्हें टोक दिया।

योगी यहीं नहीं रुके। कहा कि यह वही राहुल हैं जिनकी मां और 'सुपर प्रधानमंत्री की सलाह पर कांग्रेस सरकार ने एक मामले में सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दिया था कि राम और कृष्ण काल्पनिक हैं। 'कांग्रेसमुक्त भारत महात्मा गांधी का सपना था। अध्यक्ष के रूप में राहुल की ताजपोशी के बाद गांधी का वह सपना पूरा हो जाएगा।

बेरोजगारी दूर करने के लिए ट्विटर पर हैं अखिलेश : मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष को निकाय चुनाव के नतीजे पता हैं। लिहाजा सभी विपक्षी दलों ने मैदान छोड़ दिया है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव अपनी बेरोजगारी दूर करने के लिए ट्विटर पर हैं। कथित समाजवादियों की सरकार का एकमात्र मकसद जनता के पैसे को लूटना था। भ्रष्टाचार का आलम यह था कि नगर निकायों के सारे ठेके संबंधित विभाग से तय होते थे। जांच होगी तो कई जेल में होंगे।

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पद्मावती रिलीज भी हुई तो फैसला प्रदेश हित में लेंगे : मुख्यमंत्री ने कहा कि फिल्म पद्मावती अगर रिलीज भी हो गई तो वह प्रदेश के हित में फैसला लेंगे। हमारे लिए कानून-व्यवस्था सर्वोपरि है। फिल्म रिलीज होने की प्रस्तावित तारीख पर ही निकाय चुनावों की मतगणना होनी है। बारावफात भी उसी के आसपास है। इसे लेकर केंद्र को पत्र लिखा जा चुका है। यूं भी हम जिस इतिहास और उसके पात्र से प्रेरणा लेते हैं, उससे छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए। अगर ऐसा नहीं हुआ है तो रिलीज के पहले उसे दिखाते क्यों नहीं।

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