लखनऊ, जेएनएन। किसी भी बीमारी से बचाव के लिए यह जरूरी है कि हम अपना नेचुरल डिफेंस सिस्टम मजबूत रखें । इसके लिए आयुर्वेद में नासिका व त्वचा को महत्वपूर्ण बताया गया है। नासिका में म्यूकस होता हैं जो विषाणु को पनपने का मौका देता है। इसलिए हर रोज नाक में सरसों के तेल की छह-छह बूंदे अवश्य डालें । तेल से बाहरी अशुद्धियां नाक में ही चिपक के रह जाएंगी और वह शरीर के भीतर नहीं पहुंचेगी। इसके अलावा त्वचा को नम रखें । सूखी त्वचा से इंफेक्शन शरीर में प्रवेश कर सकते हैं । दरअसल जब हम स्नान करते हैं और साबुन का इस्तेमाल करते हैं तो हमारी त्वचा शुष्क हो जाती है। त्वचा शरीर की फर्स्ट डिफेंस लाइन है । इसलिए यह जरूरी है कि हम नहाने से पहले तेल की मालिश करें । सरसों का तेल या नारियल के तेल में कपूर मिलाकर हम मालिश के लिए प्रयोग कर सकते हैं। इससे हमारे शरीर पर एक पतली लेयर बन जाती है जो बाहरी रोगाणुओं को शरीर के अंदर प्रवेश करने से रोकती है ।

यह कहना है पंचकर्म विशेषज्ञ डॉक्टर यशवंत जुनेजा का। डॉक्टर जुनेजा कहते हैं कि नवरात्र संयम और आत्म नियंत्रण का समय है । देश में लॉक डाउन है , साथी ह नवरात्र भी चल रहे हैं। ऐसे में यह वक्त हमें अपने को संयमित रखने का भी है। हमें अपनी इंद्रियों को नियंत्रित करना चाहिए।

कई लोग इन दिनों उपवास भी कर रहे हैं । लेकिन सही मायने में कम लोग ही उपवास का पालन करते हैं । स्वास्थ्य की दृष्टि से उपवास का बहुत महत्व है। उपवास का मतलब यह है कि बगैर इच्छा न तो भोजन लिया जाए और न ही पानी । इसके विपरीत लोग सुबह से ही तरह-तरह के आहार लेना शुरू कर देते हैं ।दरअसल इस समय वसंत प्रकोप है ।इसे कफ का प्रकोप भी कहते हैं । इसलिए इस समय सुखा मेवा ,दही ,केला ,फूलगोभी ,मटर जैसी बेमौसम सब्जियों का सेवन नहीं करना चाहिए । दरअसल हमने अपने शरीर को फ्रिज बना दिया है । जितनी चीजें चाहे हम उसमें डालते रहते हैं । हमें ऐसा भोजन करना चाहिए जो आसानी से पच सके ।

प्राणायाम और शवासन करें

इसके अलावा योग पर ध्यान देना चाहिए। प्राणायाम, शवासन रोज की दिनचर्या में अवश्य शामिल करें । यह हमें तनावमुक्त रखने के साथ स्वस्थ भी रखेंगे । हर घंटे 5 मिनट प्राणायाम को दे सकते हैं ।जिस तरीके से प्रेशर कुकर में स्टीम निकलती है और फिर नई बनती है उसी तरीके से प्राणायाम से शरीर की अशुद्ध हवा बाहर जाएगी और शुद्ध हवा पुनः शरीर में प्रवेश करेगी । इससे हम खुद को बहुत रिलैक्स महसूस करेंगे और श्वास नियंत्रण करने में सफल होंगे। डॉक्टर जुनेजा कहते हैं कि हमें हर घंटे में 5 मिनट प्राणायाम को देना चाहिए। गहरी सांस लें 1 सेकंड उसे पकड़े रहे फिर छोड़ें ऐसा 1 मिनट में 20 बार करें इससे हम अपने को हल्का व तनावमुक्त महसूस करेंगे ।जैसे जैसे यह अभ्यास होगा हम वैसे वैसे इसके आयाम को बढ़ा सकते हैं।

हर दिन 6 से 8 घंटे की नींद हमारी सेहत के लिए बहुत जरूरी है। शवासन से हमें अच्छी नींद आती है। सोने से पूर्व शरीर को ढीला छोड़ कर हम 1000 से उल्टी गिनती शुरू करें । इस गिनती में हमारा दिमाग व्यस्त हो जाता है और कुछ ही देर में हमें गहरी नींद आ जाती है । सपने आना अच्छी नींद की निशानी नहीं है । सपने आने का मतलब हमारा सबकॉन्शियस माइंड सक्रिय है। अच्छी नींद के लिए पैरों के तलवों पर मालिश करना भी बहुत लाभकारी होता है आयुर्वेद के अनुसार सिर, नाभि और पैर के तलवों पर हर रोज तेल लगाना स्वास्थ्यवर्धक माना गया है।

Posted By: Anurag Gupta

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