UP News: लखनऊ [आशीष त्रिवेदी]। कोरोना महामारी के दौरान जब सरकारी अस्पतालों में नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ आदि की कमी थी और काम के लिए कर्मचारी ढूंढ़े नहीं मिल रहे थे, उस समय अल्पकालीन आउटसोर्सिंग के माध्यम से रखे गए कर्मियों को अब राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) की भर्ती में इनाम के तौर पर वरीयता अंक दिए जाएंगे। 31 मार्च, 2022 से पूर्व पंजीकृत कर्मियों को इसका लाभ मिलेगा। अधिकतम 15 अंक इन्हें दिए जाएंगे।

आउटसोर्सिंग पर भर्ती हुए जिन कर्मियों ने कोरोना महामारी के समय छह महीने कार्य किया है, उन्हें आगे एनएचएम की भर्ती में पांच वरीयता अंक दिए जाएंगे। वहीं, एक वर्ष कार्य करने वालों को 10 अंक और डेढ़ वर्ष काम करने वालों को 15 अंक दिए जाएंगे।

अधिकतम 15 अंक तक देने का प्रविधान एनएचएम की कार्यकारी समिति द्वारा किया गया है। कोविड काल में आउटसोर्सिंग पर भर्ती हुए कर्मियों की संख्या करीब सात हजार है। वहीं, एनएचएम द्वारा हर साल आशा वर्कर, स्वास्थ्य कार्यकर्ता महिला (एएनएम), लैब टेक्नीशियन, कम्युनिटी हेल्थ आफिसर व नर्सिंग स्टाफ इत्यादि के पदों पर संविदा पर भर्ती की जाती है।

अभी साढ़े पांच हजार पदों पर कम्युनिटी हेल्थ आफिसर (सीएचओ) की भर्तियां निकाली गई हैं और वह प्रक्रियाधीन है। सीएचओ की भर्ती से ही कर्मियों को यह लाभ देने का निर्णय लिया गया है। संविदा पर इस समय एनएचएम, उप्र में कुल 1.10 लाख कर्मी कार्यरत हैं। वहीं, संविदा पर डाक्टरों के पदों पर फिर राज्य स्तर की बजाय जिला स्तर पर ही साक्षात्कार से भर्ती की जाएगी। बाकी पदों पर राज्य स्तरीय परीक्षा से भर्ती होगी।

Edited By: Umesh Tiwari