रायबरेली, जेएनएन। क्षेत्र में तीन साल से रह रही एक विदेशी महिला को उसके पति के साथ रविवार को गिरफ्तार कर लिया गया। युवक स्थानीय है, जबकि महिला बांग्लादेश की है। रोटी-रोजी की जुगाड़ में गए युवक से वहां उसने शादी की और फिर तीन साल पहले फर्जी पासपोर्ट पर यहां आ गई। उसने आधार कार्ड भी बनवा लिया। दंपती के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।

मामला गदागंज थाना क्षेत्र के कुरौली बुधकर गांव का है। यहां के मो. इसरार कमाने के लिए बंगलादेश गए थे। वहां के जार्डन शहर में रहकर सिलाई का काम करते रहे। तभी उसकी मुलाकात वहां शुमा अख्तर निवासी तीतपाल, थाना नवावगंज, पोस्ट-जयकिशनपुर ढाका (बांग्लादेश) से हुई। दोनों ने विवाह रचा लिया। तीन साल पहले इसरार महिला को लेकर गांव लौट आया। यहां शुमा अख्तर के एक बच्ची का जन्म हुआ। जो करीब दो साल की है। बांग्लादेश की महिला के रहने की खबर मिलने पर रविवार को पुलिस उनके गांव पहुंची। यहां से दंपती को गिरफ्तार कर लिया और फिर जेल भेज दिया गया।

फर्जी पासपोर्ट पर हिंदुस्तान आई थी महिला

थानाध्यक्ष धीरेन्द्र कुमार यादव ने बताया कि महिला फर्जी पासपोर्ट के सहारे हंिदूुस्तान आई थी। फिर यहां जाली दस्तावेजों के आधार पर अपना आधार, पैन कार्ड भी बनवा लिया। ताकि जरूरत के समय यह उसकी पहचान बन सकें। सूचना मिलने पर जब छानबीन हुई तो सच्चाई सामने आई। इनके खिलाफ धोखाधड़ी, कागजों में हेरफेर, विदेशी अधिनियम और पासपोर्ट अधिनियम की धाराओं में केस दर्ज किया गया है।

 

Posted By: Anurag Gupta

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