लखनऊ, जेएनएन। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बेमौसम बारिश व ओलावृष्टि के बाद अब रुहेलखंड की बारी है। बुधवार शाम से मेरठ, बागपत, शामली तथा सहारनपुर को अपनी आगोश में लेने वाली बारिश ने आज मुरादाबाद के साथ रुहेलखंड पर भी डेरा डाल दिया।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश बादलों का डेरा होने के कारण बारिश व ओलावृष्टि से से तापमान में काफी गिरावट आ गई है। दिन में काली घटा छा गई है जबकि ठंड बढ़ने से लोग घरों में कैद हैं। इस दौरान ओलावृष्टि से फसलों को भी काफी नुकसान पहुंचा है। शासन से प्रभावित जिलों के जिलाधिकारियों को किसानों के नुकसान का आंकलन कराने के निर्देश दिए गए हैं।

मुरादाबाद मंडल में बारिश के साथ ओले गिरे

पीतलनगरी मुरादाबाद में काले घने बादल और सुबह से चल रही तेज हवाओं के बाद मंडल में बारिश और ओलावृष्टि हुई। मुरादाबाद में अंधेरा छाने से सड़क पर वाहनों को भी लाइट जलाकर चलना पड़ा। शहर के बुद्धि विहार, रामगंगा विहार, जिगर कॉलोनी, प्रेमनगर में बूंदाबांदी से तेज बारिश हुई। उसके बाद पूरे शहर में तेज बारिश शुरू हो गई। ठाकुरद्वारा समेत कई जगह बारिश के साथ ओले भी पड़े। दोपहर 12 बजे आसमान खुला। धूप जरूरी निकली लेकिन, बूंदाबादी होती रही। बारिश से तापमान में पांच डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। दिन का तापमान 21 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया।

बिजनौर के धामपुर में तहसील परिसर में अनिश्चिकालीन धरने पर बैठे किसानों की परेशानी ठंड से बढ़ी है। यहां सुबह से हो रही बारिश और ठंड बढऩे से किसानों को बरामदे में बैठना पड़ा। इसके साथ ही रजाई कंबल मंगा कर किसान अभी भी डटे हुए हैं।

शामली के झिंझाना के मोहल्ला सैदमीर में रात्रि में बरसात के दौरान आकाशीय बिजली गिरी। जिसके कारण एक किसान के घर में छेद हो गया है। इसका असर पड़ोसियों के घरों में भी पड़ा है। जहां पंखे व टीवी जल गए। शामली के गांव झाल के ईश्वर सिंह के मकान पर देर रात बिजली गिरने से छत में छेद हो गया। इसके कारण मकान में रखे विद्युत उपकरण जल गए। बिजली गिरने से ग्रामीणों में दहशत है।

सहारनपुर के गंगोह क्षेत्र में आधी रात से रूक-रूक कर हो बारिश से ठंड भी बढ़ी है। किसानों के चेहरे खिले है। यहां के सरसावा में बिजली की चमक के साथ रुक रुक कर हो रही बारिश ने मौसम को ठंडक मे तब्दील किया है। यह हल्की बारिश किसानों के लिए लाभदायक मानी जा रही है।

बागपत में बिजली गिरने से नुकसान

बागपत के बिनौली क्षेत्र में रात से हो रही बारिश के बीच एक मकान के उपर गिरी बिजली। जिससे मकान का ऊपरी हिस्सा हुआ क्षतिग्रस्त। रंछाड़ गांव में भी एक मकान पर गिरी आकाशीय बिजली। जहां मकान की छत हुई क्षतिग्रस्त बिजली के उपकरण भी फूंके। शाहपुर बाणगंगा गांव में लगे एक निजी कंपनी के टावर पर भी गिरी आकाशीय बिजली जिससे गांव के लोगो के बिजली के उपकरण भी फूंक गये।

मेरठ में प्रदूषण से राहत

मेरठ में बुधवार की रात से शुरू हुई बारिश का सिलसिला गुरुवार की सुबह भी जारी रहा। डेढ़ माह से प्रदूषण की मार झेल रहे जनपद वासियों ने रात में भीगे मौसम में खुशनुमा अहसास के साथ स्वच्छ वायु में सांस ली। चारों ओर प्रकृति चहकती नजर आई। तेज बारिश ने वातावरण ही नहीं पेड़ पौधों पर की पत्तियों पर जमा काली परत को धो डाला। रात में जहरीली गैसों का दंश झेल रहे लोग को स्वच्छ वायु में सांस लेते नजर आए। हवा किस कदर सुधर गई इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि रात 11 बजे गंगा नगर में पीएम 2.5 गंगानगर में 18 और पल्लवपुरम 47 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर तक पहुंच गई। पीएम 2.5 का स्तर 60 तक अच्छी श्रेणी तक माना जाता है। देर रात में शहर की हवा का अति शुद्ध स्तर पर पहुंच गई। यहां के सरधना में तेज हवा बारिश के साथ ओले गिरे जबकि हस्तिनापुर में भारी बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। 

Posted By: Dharmendra Pandey

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