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लखनऊ में चेतावनी के निशान के करीब पहुंचा गोमती नदी का जलस्तर, 1971 में पार किया था खतरे का निशान

Published: Wed, 07 Oct 2026 07:21 PM (IST)

Flood in Lucknow: लखनऊ में गोमती नदी चेतावनी के निशान के करीब पहुंच रही है। बुधवार शाम छह बजे नदी ...और पढ़ें

HighLights

  1. तेजी से बढ़ रहा जलस्तर अभी खतरे के निशान (109.50 मीटर) से 2.26 मीटर नीचे

  2. फैजुल्लागंज और रिवर फ्रंट के बाद पॉश इलाके के पलासियो मॉल तक पहुंच गया पानी

डिजिटल डेस्क, लखनऊ : गोमती नदी में जलस्तर के तेजी से बढ़ने के कारण राजधानी लखनऊ बाढ़ की स्थिति गंभीर होने वाली है। पुराने लखनऊ के फैजुल्लागंज के बाद गोमती नदी का जलस्तर पॉश इलाके गोमती नगर एक्सटेंशन के पलासियो मॉल की ओर लगातार बढ़ता जा रहा है।

लखनऊ में गोमती नदी चेतावनी के निशान के करीब पहुंच रही है। बुधवार शाम छह बजे नदी का जलस्तर 107.24 मीटर तक पहुंच गया, जो चेतावनी के स्तर (108.50 मीटर) से सिर्फ़ 1.26 मीटर और खतरे के निशान (109.50 मीटर) से 2.26 मीटर नीचे है। यहां अब तक का सबसे अधिक बाढ़ का स्तर 110.85 मीटर (1971 में) दर्ज किया गया था। इकाना स्टेडियम से प्लासियो की ओर जाने वाले मार्ग पर गोमती नदी का पानी भर गया है। यहां पर सोमवार को भी पानी भर गया था, लेकिन कई पंप लगाकर इसको खाली कराया गया और मंगलवार तक पानी को नियंत्रित किया गया।

गोमती नदी में आई बाढ़ का पानी शहर के सबसे पॉश पलासियो मॉल तक पहुंच गया है। इकाना स्टेडियम के तीनों तरफ पानी घुस चुका है। बिल्डिंग अभी सुरक्षित है। पलासियो मॉल के तीन साइड में पानी ही पानी है। अब बाढ़ का कहर सिर्फ लखनऊ के उत्तर ही नहीं बल्कि शहीद पथ के पूर्वी इलाकों तक फैल गया है। कृपया सुरक्षा नियमों का ध्यान रखें। इसके साथ ही गोमती नदी का पानी ट्रिपल आइटी परिसर तक पहुंच गया है। यहां पर बाढ़ के खतरे को देखते हुए करीब 100 छात्र-छात्राओं को तत्काल कैंसर संस्थान के रेजिडेंट में शिफ्ट किया जा रहा है।

बारिश के बाद पीलीभीत, सीतापुर, हरदोई और लखीमपुर खीरी का पानी लखनऊ में गोमती नदी में आया था। पीलीभीत में 26 और 27 सितंबर को हुई बारिश के बाद 24 घंटे में तीस किलोमीटर की रफ्तार से आगे पानी बढ़ रहा था। माना जा रहा था कि आठ अक्टूबर तक नदी में पानी कम होने से बाढ़ से राहत मिलने लगेगी, लेकिन जिस तरह से जलस्तर बढ़ रहा है ‍उससे तो अब बड़ा खतरा बन गया है। इटौंजा, फैजुल्लागंज और जेहटा में बाढ़ का असर बना हुआ है।

बढ़ते जलस्तर को रोकने के प्रयास में जिला प्रशासन

लखनऊ में जिला प्रशासन गोमती नदी के बढ़ते जलस्तर को रोकने के प्रयास में लगा है। जिलाधिकारी लखनऊ विशाख जी मौके पर डटे हैं और कई जगह बोल्डर डालकर बंधा बनाया जा रहा है। कई स्थानों पर पम्प लगाकर भी पानी को निकाला जा रहा है।

भैसाकुंड बैकुंठ धाम में स्थिति चिंताजनक

लखनऊ में इसके साथ ही भैसाकुंड बैकुंठ धाम में स्थिति चिंताजनक हो गई है। यहां चबूतरों तक गोमती नदी का पानी पहुंच गया है। जलस्तर बढ़ने से चबूतरे पूरी तरह डूबे रहे हैं, जिससे अंतिम संस्कार करने परिवारीजन परेशान हैं। यहां पर राख और अस्थियां सुरक्षित रखने की चुनौती है। परिवारीजन दाह संस्कार तक मौके पर डटे रहते हैं, जिससे पानी के बीच से अस्थियां जुटा लें। लकड़ी को चबूतरों तक पहुंचाने में भारी दिक्कत हो रही है।

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