विवेक तिवारी हत्याकांड मामले में दोषी सिपाही को 10 साल की सजा, 20 हजार रुपये का लगा जुर्माना
एपल कंपनी के एरिया मैनेजर विवेक तिवारी हत्याकांड में बर्खास्त सिपाही प्रशांत चौधरी को 10 साल कैद और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है।
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विवेक तिवारी हत्याकांड मामले में दोषी सिपाही को 10 साल की सजा।
HighLights
बर्खास्त सिपाही प्रशांत चौधरी को 10 साल की सजा।
विवेक तिवारी हत्याकांड में 20 हजार रुपये का जुर्माना।
सह-अभियुक्त संदीप कुमार सबूतों के अभाव में बरी।
जागरण संवाददाता, लखनऊ: बहुचर्चित एपल कंपनी के एरिया मैनेजर विवेक तिवारी हत्याकांड में सत्र न्यायाधीश मलखान सिंह ने सोमवार को बर्खास्त सिपाही प्रशांत चौधरी को 10 की सजा सुनाई। उस पर 20 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया।
इसके पहले 17 सितंबर को अदालत ने प्रशांत चौधरी को गैर इरादतन हत्या का दोषी करार दिया था। अदालत ने सबूतों के आधार पर माना कि प्रशांत का पूर्व से विवेक तिवारी की हत्या करने का कोई उद्देश्य नहीं था। यह घटना अचानक हुई, जिससे प्रशांत चौधरी को हत्या का दोषी नहीं माना जा सकता।
दूसरी ओर सह-अभियुक्त संदीप कुमार के संबंध में अभियोजन की तरफ से पर्याप्त साक्ष्य का अभाव पाया गया, जिसके चलते न्यायालय ने उसे बरी करने का आदेश दिया। प्रशांत आठ साल से जेल में बंद है।
बता दें कि गोमतीनगर में 28 सितंबर 2018 की रात विवेक तिवारी अपनी सहकर्मी सना खान के साथ कार से लौट रहे थे। गोमतीनगर विस्तार में मकदूमपुर पुलिस चौकी के पास प्रशांत चौधरी और संदीप कुमार ने कार रोकने का प्रयास किया था।
आरोप के मुताबिक, कार नहीं रुकने पर प्रशांत ने गोली चला दी थी, जो विवेक को लगी। विवेक तिवारी की पत्नी कल्पना तिवारी व उनके स्वजन सोमवार को न्यायालय नहीं आए। उनका कहना है कि वह फैसले से संतुष्ट नहीं हैं। ऐसे में न्यायालय जाने का कोई फायदा नहीं। वह न्याय के लिए हाईकोर्ट जाएंगे।
