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बहन की डोली की तैयारी के बीच उठी भाई की अर्थी, सिपाही अभिषेक सिंह की मौत से दोहरी खुशियों पर पसरा मातम

Published: Mon, 21 Sep 2026 04:08 PM (IST)

गोरखपुर में सिपाही अभिषेक सिंह की असामयिक मौत ने परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया। बहन की शादी ...और पढ़ें

मृतक अभिषेक सिंह के घर जुटे लोग, इनसेट में अभिषेक। जागरण

मृतक अभिषेक सिंह के घर जुटे लोग, इनसेट में अभिषेक। जागरण

HighLights

  1. सिपाही अभिषेक सिंह की मौत से परिवार की खुशियां मातम में बदलीं।

  2. बहन की शादी की तैयारी और लेखपाल परीक्षा पास करने की थी खुशी।

  3. थानेदार से अनबन की चर्चा, एसपी जौनपुर से शिकायत की मांग।

जागरण संवाददाता, गोरखपुर। महुआपार निवासी सिपाही अभिषेक सिंह की मौत ने परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया। जिस घर में बड़ी बहन अंकिता सिंह की शादी की तैयारियां चल रही थीं, वहां अब भाई की अर्थी उठने से हर आंख नम है। करीब एक सप्ताह पहले अभिषेक गांव आया। बड़ी मां के साथ बहन की शादी के लिए खरीदारी भी की थी। हाल ही में लेखपाल भर्ती परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद परिवार बेहतर भविष्य को लेकर उत्साहित था। ऐसे में आत्मघाती कदम से स्वजन ही नहीं, गांव के लोग भी स्तब्ध हैं।

यह है पूरा मामला

सहजनवा के महुआपार निवासी धर्मेंद्र सिंह के तीन बच्चों में अभिषेक दूसरे नंबर पर था और शादी नहीं हुई थी। बड़ी बहन अंकिता की शादी को लेकर घर में तैयारियां चल रही थीं, जबकि छोटा भाई शिवांश इंटर की पढ़ाई कर रहा है। पिता खेती करने के साथ निजी कार चला कर परिवार की जिम्मेदारियों में सहयोग करते हैं।

अभिषेक ने इंटर की पढ़ाई पूरी करने के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू की थी। इसी दौरान पुलिस विभाग में सिपाही के पद पर चयन हुआ। नौकरी के साथ वह निजी वाहन भी चलाता था और घर की जरूरतों में हाथ बंटाता था। लेखपाल भर्ती परीक्षा पास करने के बाद परिजनों को भविष्य को लेकर और उम्मीदें जगी थीं।

बहन की शादी की खरीदारी के बीच मातम

अंकिता की शादी को लेकर घर में उत्साह था। परिवार के लोग कपड़े, सामान और अन्य जरूरी चीजों की खरीदारी में जुटे थे। अभिषेक भी तैयारियों में बढ़-चढ़कर शामिल था। एक सप्ताह पहले बड़ी मां के साथ खरीदारी की थी। अचानक मौत से शादी की खुशियां मातम में बदल गईं। स्वजन का रो- रोकर बुरा हाल है।

पढ़ाई से नौकरी तक का सफर

इंटर के बाद अभिषेक प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुट गया था। मेहनत के बाद चयन पुलिस विभाग में सिपाही के पद पर हुआ। नौकरी के साथ लेखपाल भर्ती परीक्षा भी उत्तीर्ण कर लिया। परिवार को आगे बेहतर करियर की उम्मीद थी।

गांव में थानेदार से अनबन की भी चर्चा

गांव में अभिषेक और थाने के प्रभारी के बीच संबंध ठीक नहीं होने की चर्चा है। कहा जा रहा है कि दो दिन पहले किसी मामले के सिलसिले में अभिषेक देवरिया गया था। स्वजन एसपी जौनपुर से मिलकर संबंधित थानेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांग किए हैं। घटना के बाद से एसओ के थाने पर नहीं होने की भी चर्चा है।