लखनऊ, जेएनएन। धर्मांतरण, लव और लैंड जिहाद जैसे मुद्दों को लेकर आक्रामक विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने अचानक अपना त्रिशूल दीक्षा अभियान रोक दिया है। पहले 16 अक्टूबर तक तय किए गए इस आयोजन को 30 अक्टूबर तक बढ़ाया गया था, लेकिन विहिप नेतृत्व ने इसे तत्काल प्रभाव से रोकने का फरमान जारी कर दिया है। विहिप के संगठन मंत्री भोलेंद्र सिंह ने इसकी पुष्टि की है।

सुप्रीम कोर्ट में राम जन्म भूमि मामले की सुनवाई अंतिम दौर में चल रही है। इस बीच सभी हिंदू संगठनों को संयम बरतने की सलाह दी गई है। केंद्र और प्रदेश में भाजपा की सरकार होने की वजह से भी ज्यादा सतर्कता बरती जा रही है। रामजन्म भूमि पर 17 अक्टूबर तक सुनवाई होनी है और इसके बाद ही फैसला आना है। इस बीच विहिप के त्रिशूल दीक्षा अभियान को रोकने के के संबंध में पूछे जाने पर भोलेंद्र सिंह ने कहा कि विशेष परिस्थिति में त्रिशूल दीक्षा अभियान स्थगित किया गया है लेकिन कार्यकर्ताओं का दक्षता और प्रशिक्षण वर्ग चलता रहेगा।

भोलेंद्र सिंह ने कहा कि 20 अक्टूबर तक न्याय पंचायत और ब्लाक स्तर पर सत्संग का आयोजन भी चलता रहेगा। भोलेंद्र ने कहा कि नवंबर माह में विश्व हिंदू परिषद का हित चिंतक अभियान प्रस्तावित है। इस अभियान के तहत केवल अवध प्रांत में ही एक लाख नये सदस्य बनाए जाने हैं। यह अभियान भी यथावत चलेगा। ध्यान रहे कि सिर्फ विहिप ही नहीं बल्कि भाजपा समेत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े अन्य संगठनों में भी बड़बोले बयान देने वालों को सजग किया गया है। यह हिदायत है कि संयमित भाषा का प्रयोग हो और कहीं किसी बयान की वजह से तकरार की स्थिति न उत्पन्न हो।

Posted By: Umesh Tiwari

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