लखनऊ, जेएनएन। क्षेत्र के मड़वाना पंचायत के अटरिया मजरे में स्थित प्राथमिक विद्यालय के बाहर सियार के हमले से घायल हुई बच्ची के परिवारजनों ने शनिवार को खंड शिक्षाधिकारी, उप खंड शिक्षाधिकारी और एक शिक्षक को जमकर पीट दिया। नाराज ग्र्रामीणों ने उनकी गाड़ी भी तोड़ दी। किसी तरह शिक्षाधिकारी जान बचाकर भागे और थाने पहुंचे तो उन्हें वहां पुलिस नहीं मिली। 

मड़वाना पंचायत के अटरिया प्राथमिक विद्यालय में सियार के हमले से घायल छात्रा सुधा के परिवारजनों ने शुक्रवार को ताला जड़ दिया था। इसकी जानकारी होने पर शनिवार दोपहर खंड शिक्षाधिकारी धर्मेंद्र प्रसाद भाष्कर, उप खंड शिक्षाधिकारी ज्ञानेंद्र शंकर त्रिपाठी और शिक्षक सुशील जांच करने को पहुंचे थे। अधिकारियों के विद्यालय पहुंचने की सूचना पर बच्ची के परिवारजन और ग्र्रामीण भी इकट्ठा हो गए। उन्होंने विद्यालय में क्षतिग्र्रस्त शौचालय और परिसर में बाउंड्रीवाल न होने की दलील देते हुए नोकझोंक शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि जब तक अधिकारी कुछ समझते ग्र्रामीणों ने उन पर हमला बोल दिया।

ग्रामीणों ने उनकी गाड़ी में भी तोडफ़ोड़ की। अधिकारी किसी तरह थाने पहुंचे तो उन्हें वहां इंस्पेक्टर और पुलिसकर्मी नहीं मिले। ध्यान रहे, गुरुवार को बच्ची स्कूल परिसर के पास खेल रही थी। इसी बीच उस पर सियार ने हमला कर दिया था। घायल बच्ची को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बच्ची के परिवारजनों ने विद्यालय के शिक्षकों और ग्र्राम प्रधान पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। इस संबंध में इंस्पेक्टर माल शैलेंद्र ने बताया कि सुबह से कानून व्यवस्था की ड्यूटी में था। छुट्टी के दिन टीम को विद्यालय जाने की क्या जरूरत थी। मुझे इस मामले की कोई जानकारी नहीं है।

Posted By: Anurag Gupta

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