गोंडा, जेएनएन। वर्ष 1971 में पाकिस्तान की सेना को धूल चटाकर करीब एक लाख पाकिस्तानी जवानों को बंदी बनाकर विजय की अमर गाथा रचने वाले देश के रणबांकुरों के सम्मान में शनिवार को विजय ज्योति जिले में पहुंचा। सेना, प्रशानिक व पुलिस अधिकारियों के बीच राष्ट्रभक्ति पर आधारित कार्यक्रम आयोजित किए गए। वहीं 1971 भारत-पाक युद्ध में हिस्सा लेने वाले व उनके परिवारजनों को सम्मानित किया गया।

पाकिस्तान पर ऐतिहासिक विजय के 50 वर्ष पूरा होने पर अमर रणबांकुरों के सम्मान में दिल्ली से अयोध्या होते हुए विजय ज्योति जिले में पहुंचा। यहां आंबेडकर चौराहे पर एनसीसी कैडेट्स व अधिकारियों ने स्वागत किया। इसके बाद विजय ज्योति पुलिस लाइन परेड ग्राउंड ले जाई गई। वहां सेना व प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। भारत-पाक युद्ध की 50वीं वर्षगांठ मना रही सेना ने उस युद्ध में हिस्सा लेने वाले सेनाकर्मियों व उनके परिवारीजनों को सम्मानित किया। विजय जुलूस के साथ आए कर्नल शिशिर श्रीवास्तव ने भारत-पाक युद्ध में हिस्सा लेने वाले पूर्व लेफ्टिनेंट कर्नल जीएस त्रिपाठी, हवलदार माता प्रसाद व सैनिक के परिवारीजन शांति देवी को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस दौरान देवीपाटन परिक्षेत्र के आइजी डॉ. राकेश सिंह, डीएम मार्कण्डेय शाही, पुलिस अधीक्षक शैलेश कुमार पांडेय, सिटी मजिस्ट्रेट वंदना त्रिवेदी, कर्नल सुमित सिंह, सूबेदार मेजर सुरेंद्रपाल सिंह, सूबेदार वीरेंद्र सिंह, कैप्टन राजामणि सहित अन्य सेनाधिकारी व कर्मी मौजूद रहे। एनसीसी कैडेट शगुन कश्यप, मुस्कान, अदिति जायसवाल, अनुष्का जायसवाल, वैष्णवी श्रीवास्तव, अनुष्का विसेन, शगुन सक्सेना, अनुष्का, खुशी, कौशिक पांडेय, साजन कुमार, सत्यम दुबे ने राष्ट्रभक्ति पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम व गीत प्रस्तुत किए। एनसीसी मेजर राजेश द्विवेदी, हरिशंकर द्विवेदी, रामदुलारे, पवन कुमार, संतोष तिवारी सहित अन्य मौजूद रहे। कार्यक्रम में मौजूद पूर्व सैनिकों ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम से उन लोगों का हौसला बुलंद

होता है।

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