यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 09, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
वंदेमातरम का गायन नागरिकों का राष्ट्रधर्म : राज्यपाल
देश में वंदेमातरम पर छिड़ी बहस के बीच राज्यपाल रामनाईक ने कहा कि वंदेमातरम का गायन राष्ट्र धर्म है। इसका निर्वाहन देश के हर नागरिक को करना चाहिए।

सीतापुर (जेएऩएऩ)। देश में वंदेमातरम पर छिड़ी बहस के बीच राज्यपाल रामनाईक ने कहा कि वंदेमातरम का गायन राष्ट्र धर्म है। इसका निर्वाहन देश के हर नागरिक को करना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि जब देश की सर्वोच्च पंचायत लोकसभा तथा इलाहाबाद उच्च न्यायालय के 150 वर्ष पूरा होने पर आयोजित कार्यक्रम में भी वंदेमातरम का गायन किया जा सकता है तो शैक्षणिक और अन्य संस्थानों में इसके गायन पर किसी तरह का संशय नहीं होना चाहिए।
राज्यपाल नाईक रविवार को महमूदाबाद कस्बे में पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे। वह महमूदाबाद के मौलाना आजाद इंस्टीट््यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के स्थापना दिवस समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होने आए थे। राज्यपाल ने कहा कि देश को आजाद कराने में हर धर्म, जाति के लोगों ने योगदान दिया। इनमें से तमाम लोगों ने वंदेमातरम का गायन कर देश की खातिर अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। अमर शहीद सरदार भगत ङ्क्षसह भी वंदेमातरम गाते हुए फांसी के फंदे पर झूल गए थे।
उन्होंने कहा कि आजादी के 45 सालों बाद 24 नवंबर, 1992 को लोकसभा के सत्र की शुरुआत होने पर और 24 नवंबर, 1992 को सत्र के समाप्त होने पर संसद में वंदेमातरम का गायन किया गया। बालिकाओं की उच्च शिक्षा से जुड़े एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि कई सालों के प्रयासों के बाद बालिकाओं की उच्च शिक्षा में सुधार हुआ है। दीक्षांत समारोह में अवार्ड जीतने वालों में 60-70 प्रतिशत बालिकाएं होती हैं। प्रदेश में नई सरकार का गठन हुआ है।
मैं जल्द ही सरकार के साथ चर्चा करूंगा कि बालिका शिक्षा में और सुधार कैसे हो सकता है। प्रदेश सरकार के उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा स्वयं लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रोफेसर हैं, मैं उनसे भी इस संबंध में चर्चा करूंगा। राम मंदिर निर्माण को लेकर एक प्रश्न का उत्तर देते हुए राज्यपाल ने कहा कि इस संबंध में सर्वोच्च न्यायालय ने कहा है कि आपसी बातचीत से इस समस्या का हल निकाला जाए, मैं समझता हूं कि हर कोई न्यायालय की सलाह के अनुसार काम करेगा।
