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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 12, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Vaccination : सरकारी अस्पतालों में अब हर दिन होगा बच्चों का टीकाकरण

By Vikash MishraEdited By: Mohammed Ammar
Published: Thu, 12 Jan 2023 10:03 PM (IST)

डिप्टी सीएम ने कहा बच्चों की अच्छी सेहत के लिए नियमित टीकाकरण जरूरी है। वैक्सीनेशन से बच्चों की रोग-प्रतिरोधक क्षमता ...और पढ़ें

सरकारी अस्पतालों में अब हर दिन होगा बच्चों का टीकाकरण
सरकारी अस्पतालों में अब हर दिन होगा बच्चों का टीकाकरण

जागरण संवाददाता, लखनऊ : लखनऊ समेत प्रदेशभर के सरकारी अस्पतालों में अब हर दिन टीकाकरण होगा। आगामी 15 जनवरी से जिला महिला चिकित्सालय, संयुक्त पुरुष चिकित्सालय और शहरी सामुदायिक केंद्रों पर सातों दिन वैक्सीनेशन की सुविधा उपलब्ध रहेगी। यह घोषणा डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने की। उप मुख्यमंत्री ने गुरुवार को गोमतीनगर के एक होटल में चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग और यूनिसेफ द्वारा आयोजित कार्यशाला में टीकाकरण अभियान की शुरुआत की। उन्होंने कहा, टीकाकरण को बढ़ावा देने के लिए अतिरिक्त प्रयास की जरूरत है।

डिप्टी सीएम ने कहा, बच्चों की अच्छी सेहत के लिए नियमित टीकाकरण जरूरी है। वैक्सीनेशन से बच्चों की रोग-प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है। बच्चे कम बीमार पड़ते हैं। इसलिए यह सुनिश्चित करें कि कोई बच्चा टीकाकरण से वंचित न रहे। शहरी व ग्रामीण क्षेत्र के सरकारी अस्पतालों में बच्चों को मुफ्त टीके लगाए जा रहे हैं। लिहाजा पांच साल तक के सभी बच्चों का टीकाकरण जरूर कराएं।

उपमुख्यमंत्री का कहना है कि 2023 में खसरा को खत्म करने का लक्ष्य रखा गया है। खसरा और रूबेला को खत्म करने के लिए पांच साल तक के बच्चों का वैक्सीनेशन जरूर कराएं। 2.5 करोड़ बच्चों को नहीं लगे पूरे टीके स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने कहा दिसंबर 2022 में प्रदेश के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में पांच वर्ष के बच्चों को सूचीबद्ध कर उनकी टीकाकरण स्थिति का आकलन किया गया।

सर्वे में 2.5 करोड़ बच्चे पाए गए हैं। इनमें लगभग पांच लाख से अधिक बच्चों ने अपनी पेंटा-1 की खुराक नहीं ली। सात लाख से अधिक बच्चों को खसरा-रूबेला की दूसरी डोज नहीं लगी। इस दौरान यूनिसेफ के चीफ आफ फील्ड आफिस जकारी एडम, एनएचएम की निदेशक अपर्णा यू, यूनिसेफ की स्वास्थ्य विशेषज्ञ डा. कनुप्रिया सिंघल, डा. मधुप बाजपेई, डा. रेनू श्रीवास्तव, डा. अजय गुप्ता व डा. मनोज शुक्ल भी मौजूद रहे।