मोदी सरकार - 2.0 के 100 दिन

लखनऊ [राज्य ब्यूरो]। प्रदूषण की रोकथाम के प्रयास के साथ ही सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों के बढ़ते बाजार को भुनाना चाहती है। इसके लिए बनाई गई उप्र इलेक्ट्रिक वाहन मैन्युफैक्चरिंग नीति-2019 की अधिसूचना शासन ने जारी कर दी है। योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश के 10 शहरों को आदर्श इलेक्ट्रिक मोबिलिटी नगर घोषित करने का निर्णय लिया है।

इस नीति को बनाने के पीछे सरकार का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के साथ ही इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) में निवेश को बढ़ावा देना है। इलेक्ट्रिक मोबिलिटी तंत्र से सरकार अगले पांच वर्ष में 40 हजार करोड़ का निवेश और 50 हजार रोजगार के अवसर विकसित करना चाहती है। लक्ष्य निर्धारित किया गया है कि 2024 तक पारंपरिक वाणिज्यिक बेड़े और रसद वाहनों को उपयोग पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा।

इसके साथ ही सार्वजनिक परिवहन में 2030 तक एक हजार इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जाना है। वर्ष 2020 तक पहले चरण में 25 फीसद, 2022 तक दूसरे चरण में शेष 35 फीसद और तीसरे चरण में बाकी 40 फीसद बसें शामिल की जाएंगी। दस शहरों के निजी परिवहन में 2024 तक पचास फीसद इलेक्ट्रिक वाहनों का संचालन शुरू किया जाना है।

ये शहर बनेंगे आदर्श

  • नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, मथुरा, आगरा, कानपुर, लखनऊ, प्रयागराज, गोरखपुर और वाराणसी। इनमें नोएडा पायलट नगर होगा, जहां 2020 तक नीति का क्रियान्वयन होना है।

ऐसे दिया जाएगा प्रोत्साहन

  • नीति की अवधि में पहले एक लाख वाहनों के क्रेताओं को वाहन पंजीकरण शुल्क में सौ फीसद की छूट।
  • दोपहिया इलेक्ट्रिक वाहनों को रोड टैक्स में सौ फीसद और अन्य वाहनों को 75 फीसद की छूट दी जाएगी।
  • सभी अवस्थापना सुविधाएं भी निवेशकों को प्राथमिकता के आधार पर दी जाएंगी। 

Posted By: Umesh Tiwari

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