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यूपी में वीबी-जी रामजी में फर्जीवाड़ा, लबालब सड़कों पर चला कागजी फावड़ा; श्रमिकों ने खोली पोल

Published: Thu, 01 Oct 2026 09:24 PM (IST)

उत्तर प्रदेश में वीबी-जी रामजी योजना (पूर्व मनरेगा) में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है, जहां भारी बारिश के दौरान भी लाखों श्रमिकों को कागजों पर काम करते दिखाया गया।

इस फोटो को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

इस फोटो को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

HighLights

  1. यूपी में वीबी-जी रामजी योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया।

  2. भारी बारिश में भी लाखों श्रमिकों को कागजों पर काम करते दिखाया।

  3. मजदूरों ने काम न करने की बात कही, जांच के आदेश।

जागरण टीम, लखनऊ। 25 से 27 सितंबर तक जब प्रदेश भर के अधिकतर जिलों में मूसलधार बारिश और चक्रवात के असर से लोगों का घरों से निकलकर सड़कों पर पैर रखना भी मुश्किल हो रहा था तब देवरिया, अयोध्या, बदायूं सहित अनेक जनपदों में वीबी-जी रामजी योजना के तहत मजदूर कागजी फावड़ा चला रहे थे।

पोर्टल पर दर्ज आंकड़ों के अनुसार पूरे प्रदेश में इन तीन दिनों में 6,51,439 श्रमिकों ने काम किया। कोई पौधारोपण कर रहा था तो कोई रास्तों पर मिट्टी पटाई का काम कर रहा था।

यह जज्बे और संघर्ष की कहानी नहीं, इस बात की गवाही है कि मनरेगा का नाम बदलकर उसे भले वीबी-जी रामजी योजना कर दिया गया हो लेकिन फर्जी मस्टररोल तैयार कर घपला करने वालों की नीयत नहीं बदली है।

योजना के श्रमिकों की उपस्थिति विकसित भारत गारंटी फार रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण (वीबीजी रामजी) के नेशनल मोबाइल मानीटरिंग सिस्टम (एनएमएमएस) पोर्टल पर दर्ज की जाती है।

देवरिया में 25 सितंबर को 16.6 मिली, 26 सितंबर को 20.6 मिली और 27 सितंबर को 75.2 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। लेकिन, इन तीन दिनों में यहां क्रमश: 6367, 2564 व 4823 यानी कुल 13,754 मजदूर पोर्टल पर दर्ज आंकड़ों के अनुसार मिट्टी व पौधारोपण का काम कर रहे थे। जागरण टीम ने पड़ताल की तो कई जगह स्थिति जस की तस मिली।

इन्हीं तीन दिनों में अयोध्या के 11 ब्लाकों में 1124 मजदूरों को काम पर दिखाया गया। बारिश में मिट्टी का काम होना तो दूर, मजदूरों का घर से निकलना तक मुश्किल था। जब यही सवाल उपायुक्त उपेंद्र पाठक से पूछा गया तो पहले उन्होंने बताया कि बारिश में पौधे उलटें-पलटें न इसलिए श्रमिकों को लगाया गया था। थोड़ी देर बाद उन्होंने बताया कि मस्टर रोल को शून्य कर दिया गया है। जब एनएमएमएस पोर्टल पर उपस्थिति दर्ज करने का सवाल किया तो बताया कि मस्टर रोल की जांच कराई जाएगी।

बदायूं में 26 सितंबर को सात गांवों में 253 मजदूरों की उपस्थिति दर्शाई गई। रविवार 27 सितंबर को जागरण टीम ने मौके पर पड़ताल की तो अधिकांश स्थानों पर कोई काम होता नहीं मिला और मजदूर भी नहीं मिले। ग्रामीणों ने भी काम होने की बात नकार दी। सीडीओ गामिनी सिंगला ने जांच और दोषियों पर कार्रवाई की बात कही है।

संभल में 25 से 27 सितंबर तक करीब 250 मिलीमीटर बारिश हुई। खेत जलमग्न रहे और कई गांवों में आवागमन प्रभावित था। इसी दौरान पोर्टल पर 381 कार्यों के 1,049 मस्टर रोल में 5,587 मानव-दिवस की उपस्थिति दर्ज हुई।

देवरिया में मजदूर बोले सिर्फ फोटो खिंचवाया गया

देवरिया में भागलपुर ब्लाक के कुंडावल हरी में 27 सितंबर को वीरेंद्र के चक से सुरेंद्र के चक तक चकरोड निर्माण पर 10 मजदूरों की हाजिरी लगी। पड़ताल के दौरान गेनू प्रसाद ने बताया कि मस्टर रोल में उनका नाम दर्ज है, लेकिन उन्होंने कोई काम नहीं किया। लालमती ने भी कहा कि बरसात के दिन कोई काम नहीं हुआ।

अरविंद कुमार ने बताया कि उन्हें मौके पर ले जाकर फोटो खिंचवाया गया। जाब कार्डधारक नवनाथ ठाकुर ने स्वीकार किया कि उन्होंने उस दिन काम नहीं किया था। कई जगह प्रशासक बने ग्राम प्रधानों को भी नहीं पता कि उन दिनों काम हुआ।

देवरिया के उपायुक्त श्रम एवं रोजगार आलोक कुमार पांडेय का कहना है कि बारिश के दिनों में मजदूरों से पौधरोपण का कार्य कराया गया है। यदि कहीं पर मिट्टी का कार्य दर्शाकर मस्टर रोल भरा गया है तो इसकी जांच कराई जाएगी। जांच के बाद उपस्थिति शून्य करने के साथ ही संबंधित के खिलाफ कार्रवाई भी होगी।

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