दिव्या मित्तल ही नहीं, यूपी के इन IAS-IPS ने भी छोड़ी 'कुर्सी'; राजनीति में कितना चला सिक्का?
Divya Mittal | उत्तर प्रदेश में पूर्व आईएएस और आईपीएस अधिकारियों द्वारा राजनीतिक दल बनाने का चलन रहा है, लेकिन ...और पढ़ें
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HighLights
पूर्व आईएएस-आईपीएस अधिकारी बना रहे हैं राजनीतिक दल।
प्रशासनिक अनुभव को चुनावी सफलता में बदलना चुनौती।
अधिकांश को अभी तक नहीं मिली अपेक्षित चुनावी सफलता।
शोभित श्रीवास्तव, लखनऊ। IAS Divya Mittal | कभी फाइलों पर फैसले लिखे, अब जनता के बीच वोट की अपील...। उत्तर प्रदेश में अफसर से नेता बनने की राह नई नहीं है।
कई आईएएस-आईपीएस अपनी सेवा छोड़कर खुद की पार्टी तक बना चुके हैं, लेकिन प्रशासनिक पहचान को जमीनी राजनीतिक संगठन में बदलना आसान नहीं रहा। पूर्व आईएएस दिव्या मित्तल के अलग पार्टी बनाने के एलान ने इसी पुराने सवाल को फिर जिंदा कर दिया है।
सवाल यह है कि प्रशासन चलाने का अनुभव क्या चुनावी राजनीति में संगठन खड़ा करने की ताकत में बदल पाएगा?
अमिताभ ठाकुर ने 2021 में राजनीति में एंट्री का किया था एलान
पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने वर्ष 2021 में सक्रिय राजनीति में आने का एलान किया था। ठाकुर की आजाद अधिकार सेना निर्वाचन आयोग में पंजीकृत है।
अधिकार सेना ने वर्ष 2022 में मैनपुरी लोकसभा और खतौली विधानसभा उपचुनाव में प्रत्याशी उतारे, लेकिन कुछ खास नहीं हुआ। अगस्त में अमिताभ ने अबकी विधानसभा चुनाव में 100 सीटों पर प्रत्याशी उतारने की घोषणा की है।

वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी असीम अरूण भाजपा में हुए थे शामिल
उत्तर प्रदेश कैडर के 1994 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी असीम अरुण ने 16 जनवरी 2022 को आधिकारिक तौर पर राजनीति में एंट्री ली।
बीजेपी में शामिल होने के तुरंत बाद उन्होंने 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में कन्नौज सदर सीट से चुनाव लड़ा और समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार को हराकर जीत हासिल की।

राजनीति में आने के लिए उन्होंने कानपुर के पुलिस कमिश्नर (ADG रैंक) के पद पर रहते हुए 8 जनवरी 2022 को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) की घोषणा की थी। इसके बाद 16 जनवरी 2022 को वे लखनऊ में भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गए।
पूर्व डीजीपी सुलखान सिंह ने 2023 में बनाई पार्टी
1980 बैच के आईपीएस पूर्व डीजीपी सुलखान सिंह ने नवंबर 2023 में बुंदेलखंड लोकतांत्रिक पार्टी बनाया। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के 15 जिलों को मिलाकर अलग बुंदेलखंड राज्य बनाने की मांग कर रहे सुलखान 2017 में सेवानिवृत्त हुए थे।

पूर्व आईएएस अधिकारी राम बहादुर भाजपा में शामिल
पूर्व आईएएस अधिकारी राम बहादुर भी अपनी नागरिक एकता पार्टी के जरिये राजनीति में स्वतंत्र रास्ता बनाने की कोशिश की। वर्ष 2017 में बसपा से विधानसभा चुनाव लड़ने वाले राम बहादुर जनवरी 2022 में भाजपा में भी शामिल हुए।
ऑल इंडिया पीपुल्स फ्रंट से जुड़े एसआर दारापुरी
पूर्व आईपीएस अधिकारी एसआर दारापुरी भी सेवानिवृत्ति के बाद ऑल इंडिया पीपुल्स फ्रंट से जुड़े।

2019 में फैजाबाद सीट से लड़ा था चुनाव
आईएएस रहे विजय शंकर पांडेय भी सेवानिवृत्ति के बाद लोक गठबंधन पार्टी बनाकर वर्ष 2019 में फैजाबाद से लोकसभा चुनाव लड़ा।

पूर्व IAS अधिकारी चंद्रपाल आदर्श समाज पार्टी बनाई
इसी प्रकार आईएएस अधिकारी चंद्रपाल ने आदर्श समाज पार्टी बनाई। गौर करने की बात यह है कि अपनी पार्टी बनाने वाले इनमें से किसी को भी अभी तक चुनावी राजनीति में अपेक्षित बड़ी सफलता नहीं मिली है।
