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यूपी की 181 महिला हेल्पलाइन बनी मिसाल, 8.42 लाख से अधिक महिलाओं को अब तक मिली तुरंत सहायता

Published: Sat, 14 Mar 2026 04:37 PM (GMT+05:30)

योगी सरकार की 181 महिला हेल्पलाइन उत्तर प्रदेश में महिलाओं और बालिकाओं के लिए एक मजबूत सहारा बनी है। 2017 ...और पढ़ें

उत्तर प्रदेश की 181 महिला हेल्पलाइन

उत्तर प्रदेश की 181 महिला हेल्पलाइन

HighLights

  1. 181 हेल्पलाइन ने 8.42 लाख से अधिक महिलाओं की मदद की।

  2. घरेलू हिंसा और उत्पीड़न में 24 घंटे सहायता प्रदान करती है।

  3. योगी सरकार की महिला सुरक्षा प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

डिजिटल डेस्क, लखनऊ। उत्तर प्रदेश में महिला सुरक्षा और सशक्तीकरण को लेकर योगी सरकार की प्रतिबद्धता लगातार मजबूत होती दिख रही है। इसी दिशा में शुरू की गई 181 महिला हेल्पलाइन महिलाओं और बालिकाओं के लिए संकट की घड़ी में भरोसेमंद सहारा बनकर उभरी है। वर्ष 2017 से संचालित यह टोल फ्री हेल्पलाइन प्रदेश भर में चौबीसों घंटे सक्रिय है और अब तक इसके माध्यम से 8.42 लाख से अधिक महिलाओं को सहायता प्रदान की जा चुकी है। घरेलू हिंसा, पारिवारिक विवाद, उत्पीड़न या अन्य किसी विषम परिस्थिति में फंसी महिलाएं 181 नंबर पर कॉल कर तुरंत मदद और परामर्श प्राप्त कर रहीं हैं। इससे उन्हें त्वरित राहत मिलने के साथ आत्मविश्वास भी बढ़ रहा है।

महिलाओं के लिए भरोसेमंद सहायता तंत्र

181 महिला हेल्पलाइन महिलाओं और बालिकाओं के लिए एक समर्पित सहायता तंत्र के रूप में कार्य कर रही है। इस हेल्पलाइन के जरिए प्रदेश के किसी भी कोने से महिलाएं अपनी समस्या साझा कर सकती हैं और विशेषज्ञों से मार्गदर्शन प्राप्त कर सकती हैं। कॉल सेंटर में तैनात प्रशिक्षित परामर्शदाता महिलाओं की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हैं और उन्हें तत्काल सलाह व आवश्यक सहायता उपलब्ध कराते हैं। इससे संकट की स्थिति में घिरी महिलाओं को मानसिक संबल मिलता है और उन्हें समाधान की दिशा में उचित मार्गदर्शन प्राप्त होता है।

24 घंटे सक्रिय व्यवस्था से मिल रही त्वरित मदद

महिला हेल्पलाइन 181 को इस प्रकार विकसित किया गया है कि यह चौबीसों घंटे सक्रिय रहकर महिलाओं को तुरंत सहायता उपलब्ध करा सके। इसमे किसी भी समय आई कॉल को प्राथमिकता के आधार पर लिया जाता है। संबंधित महिला को समस्या के अनुसार परामर्श या आवश्यक सहायता प्रदान की जाती है। इस व्यवस्था के चलते प्रदेश की महिलाएं किसी भी आपात स्थिति में बिना झिझक अपनी समस्या साझा कर पा रहीं हैं। इससे महिला सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार की प्रतिबद्धता भी स्पष्ट रूप से सामने आती है।