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योगी सरकार का मास्टरस्ट्रोक: गोशालाओं से 3 लाख युवाओं को मिलेगा रोजगार, यूपी में बनेंगे 7500 'पंचगव्य क्लस्टर'

Published: Mon, 15 Jun 2026 06:44 PM (IST)

योगी सरकार उत्तर प्रदेश में 7500 'पंचगव्य क्लस्टर' स्थापित कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देगी। इससे गोशालाएं स्वरोजगार का केंद्र बनेंगी और 3 लाख युवाओं व महिलाओं को रोजगार मिलेगा।

गोशालाएं बनेंगी रोजगार का बड़ा केंद्र

गोशालाएं बनेंगी रोजगार का बड़ा केंद्र

HighLights

  1. उत्तर प्रदेश में 7500 पंचगव्य क्लस्टर बनेंगे।

  2. 3 लाख युवाओं और महिलाओं को रोजगार मिलेगा।

  3. गोशालाएं अब स्वरोजगार का केंद्र बनेंगी।

डिजिटल डेस्क, लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने और गो-संरक्षण को रोजगार से जोड़ने के लिए एक ऐतिहासिक मॉडल लेकर आ रही है। अब प्रदेश की गोशालाएं सिर्फ बेसहारा पशुओं का आश्रय स्थल नहीं रहेंगी, बल्कि वे ग्रामीण युवाओं और महिलाओं के लिए स्वरोजगार का एक बड़ा केंद्र बनेंगी। इस नई योजना के तहत प्रदेश भर में 7500 से अधिक 'पंचगव्य क्लस्टर' विकसित किए जाएंगे, जिससे सीधे तौर पर लगभग तीन लाख युवाओं को रोजगार और आय के नए अवसर मिलेंगे।

पंचगव्य क्लस्टर का ब्लूप्रिंट: 40-40 युवाओं की बनेगी टीम

योगी सरकार की इस योजना का सीधा फोकस गांवों में उद्यमिता को बढ़ावा देना है। प्रदेश की 7500 गोशालाओं को इस क्लस्टर मॉडल से जोड़ा जाएगा। प्रत्येक क्लस्टर में 40-40 ग्रामीण युवाओं की एक समर्पित टीम तैनात की जाएगी। इस पूरी योजना में महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs), स्थानीय किसानों और ग्रामीण युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि वे अपनी आजीविका को सीधे अपने गांव में ही सुरक्षित कर सकें।

उत्पादन से लेकर बाजार तक की जिम्मेदारी

सरकार का मुख्य उद्देश्य इन गोशालाओं को उत्पादन और आर्थिक गतिविधियों के मुख्य केंद्र में बदलना है। पंचगव्य क्लस्टरों में देसी गायों से मिलने वाले दूध, दही, घी, गोमूत्र और गोबर का व्यावसायिक उपयोग किया जाएगा। इन संसाधनों से जैविक कीटनाशक, जैव उर्वरक (Bio-fertilizer), औषधियां, धूपबत्ती, साबुन, पेंट और दैनिक उपयोग की अन्य सामग्री तैयार की जाएगी। युवाओं और महिलाओं की टीम न केवल इन उत्पादों का निर्माण करेगी, बल्कि स्थानीय और बाहरी बाजारों में इनके विपणन (Marketing) का जिम्मा भी संभालेगी।

प्राकृतिक खेती और अर्थव्यवस्था को मिलेगी संजीवनी

इस पूरे प्रोजेक्ट को लेकर उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि पंचगव्य क्लस्टर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को एक नई और मजबूत दिशा देंगे। इस पहल से प्रदेश में गो-आधारित उद्योगों को एक संगठित स्वरूप मिलेगा। इसके अलावा, गोशालाओं में बनने वाले जैविक खाद और कीटनाशकों से प्राकृतिक खेती को बढ़ावा मिलेगा, जिससे किसानों की खेती की लागत में भारी कमी आएगी।

कैसे करेगा काम?

पूरी योजना का संचालन एक व्यवस्थित चेन के माध्यम से होगा। 40 युवाओं की टीमें उत्पादन से लेकर हर गतिविधि की सख्त मॉनिटरिंग करेंगी। इसमें महिला स्वयं सहायता समूहों की जमीनी स्तर पर सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। यह मॉडल इस बात की गारंटी देगा कि कच्चा माल जुटाने से लेकर फाइनल प्रोडक्ट को बाजार में बेचने तक की पूरी प्रक्रिया ग्रामीण युवाओं के हाथ में रहे, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें।