लखनऊ [राज्य ब्यूरो]। उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था एक लाख ट्रिलियन डालर बनाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जोर अधिक से अधिक निवेश आकर्षित करने पर है। इसके लिए अपने पहले कार्यकाल में इन्वेस्टर्स समिट कर चुकी योगी सरकार ने अब ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लिए कमर कसी है। सीएम ने लगभग एक वर्ष बाद यह आयोजन करने का निर्देश दिया है, जिसमें विश्व भर से निवेशक आमंत्रित किए जाएंगे।

योगी आदित्यनाथ सरकार ने अपने पिछले कार्यकाल की शुरुआत में ही इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन किया, जिसमें 4.28 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आए। उसके बाद पहले कार्यकाल में दो ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी आयोजित कीं और तीसरी ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी सत्ता में दोबारा वापसी के साथ ही पिछले माह कर डाली। इसमें 80 हजार करोड़ रुपये से अधिक की निवेश परियोजनाओं का भूमिपूजन पीएम नरेन्द्र मोदी के हाथों कराया गया।

सीएम योगी आदित्यनाथ अफसरों को निर्देशित कर चुके हैं कि किसी भी परियोजना को धरातल पर उतारने में निवेशक को समस्या नहीं होनी चाहिए। इसके लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर दी गई है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने अब शासन के वरिष्ठ अधिकारियों से कहा है कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की तैयारी करें।

सरकार की योजना है कि एक वर्ष बाद यह आयोजन कराया जाए। 2024 के लोकसभा चुनाव के पहले प्रस्तावित इस आयोजन में सरकार की ओर से दुनियाभर के प्रमुख उद्योगपतियों को यूपी में निवेश का न्योता भेजा जाएगा। सरकार के मंत्री विदेश जाकर उत्तर प्रदेश में निवेश की संभावनाओं, यहां की औद्योगिक नीतियों के आकर्षण आदि के बारे में बताएंगे।

उल्लेखनीय है कि योगी सरकार पहले कार्यकाल में ही ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट कराने की तैयारी में थी, लेकिन कोरोना महामारी के कारण कार्यक्रम नहीं हो सका। अब जब कोरोना का प्रभाव काफी हद तक कम हो गया है तो जून या जुलाई, 2023 में यह विश्वस्तरीय कार्यक्रम किया जा सकता है।

पांच वर्ष में यूं बनाया औद्योगिक निवेश का माहौल

  • वर्ष 2017 में औद्योगिक निवेश और रोजगार प्रोत्साहन नीति लागू की।
  • निवेश अनुकूल 20 सेक्टोरल पालिसी को उद्यमिता, इनोवेशन और मेक इन इंडिया की तर्ज पर लागू किया।
  • श्रम, भूमि आवंटन, संपत्ति पंजीयन, पर्यावरणीय अनुमोदन सहित 500 से अधिक सुधार किए गए।
  • 40 विभागों के 1400 से अधिक कंप्लायंस समाप्त किए गए।
  • सिंगल विंडो सिस्टम से आनलाइन सेवा उपलब्ध कराई गई।
  • मेगा व उच्च श्रेणी के उद्योगों को आवेदन के 15 दिनों के भीतर भूमि आवंटन की व्यवस्था की गई।
  • पूर्वांचल और बुंदेलखंड में निवेश पर विशेष छूट का प्रविधान किया गया।

Edited By: Umesh Tiwari